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झामुमो का चेतावनी संदेश : Bihar Seats 15 अक्टूबर से पहले तय नहीं तो पार्टी स्वतंत्र चुनाव लड़ सकती है

झामुमो ने बिहार चुनाव में 15 अक्टूबर से पहले सीटों का फैसला मांगा, अन्यथा पार्टी स्वतंत्र चुनाव लड़ सकती है। घाटशिला उपचुनाव में भी तैयारी।


झामुमो का चेतावनी संदेश : झामुमो ने बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि 15 अक्तूबर से पहले पार्टी को सम्मानजनक तरीके से सीटें नहीं दी गईं, तो झामुमो स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती है। पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने हरमू स्थित झामुमो प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया।

भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार की जनता ने तय कर लिया है कि एनडीए सरकार को हटाकर इंडिया गठबंधन को सत्ता में लाना है। झामुमो बिहार में चुनावी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है और महागठबंधन के साथ ही चुनाव में उतरेगी। उन्होंने झारखंड में गठबंधन के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि राजद, कांग्रेस और माले को हमेशा सम्मानजनक हिस्सेदारी दी गई थी और इस बार भी गठबंधन धर्म निभाने का दावा किया गया।


Key Highlights:

  • झामुमो ने महागठबंधन से कहा, 15 अक्तूबर से पहले Bihar सीटों का सम्मानजनक फैसला करें।

  • यदि सीटों का फैसला नहीं हुआ, तो झामुमो स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती है।

  • झारखंड में गठबंधन में सहयोग का उदाहरण देते हुए बिहार में भी हिस्सेदारी की मांग।

  • घाटशिला उपचुनाव में भी पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ने के लिए तैयार।

  • झामुमो की केंद्रीय समिति की बैठक 15 अक्टूबर को होगी, उसके बाद अंतिम फैसला।

  • पार्टी चाहती है कि केंद्रीय समिति की बैठक से पहले गठबंधन में कोई भ्रम न रहे।


झामुमो का चेतावनी संदेश

सुप्रियो ने स्पष्ट किया कि यदि सीटों का फैसला जल्द नहीं हुआ, तो पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती है, और इसका नुकसान महागठबंधन को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “हम गठबंधन धर्म को जानते हैं, लेकिन सम्मानजनक हिस्सेदारी हमें तुरंत दी जाए।”

भट्टाचार्य ने घाटशिला उपचुनाव पर भी जोर देते हुए कहा कि वहां भी झामुमो मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बिहार और घाटशिला की लड़ाई को चुनौती के रूप में स्वीकार किया गया है।

झामुमो का चेतावनी संदेश

झामुमो की केंद्रीय समिति की बैठक 15 अक्टूबर को होने वाली है, जिसके बाद सीटों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। भट्टाचार्य ने कहा कि वे नहीं चाहते कि गठबंधन में किसी प्रकार का भ्रम पैदा हो, इसलिए केंद्रीय समिति की बैठक से पहले सारी चीजें स्पष्ट होनी चाहिए।

झामुमो का यह कदम महागठबंधन के लिए स्पष्ट संदेश है कि पार्टी अपनी हिस्सेदारी को लेकर गंभीर है और समयबद्ध निर्णय की मांग कर रही है।

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