JSSC CGL Paper Leak मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में बहस हुई। CBI जांच की मांग पर दलीलें पेश की गईं। रिजल्ट पर रोक जारी, अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को।
JSSC CGL Paper Leak Case रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को लंबी सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं और सरकारी पक्ष की दलीलें विस्तार से सुनीं। मामले में अब अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है और पेपर लीक के पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं। इसके आधार पर उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की।
JSSC CGL Paper Leak Case वहीं, राज्य सरकार और JSSC की ओर से पेश वकीलों ने इस दावे को खारिज किया। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि परीक्षा 22 तारीख को आयोजित हुई थी जबकि याचिकाकर्ता जिस फोटो और सबूत का हवाला दे रहे हैं, वे 23 तारीख के हैं। ऐसे में यह दावा संदिग्ध है। साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता पेपर लीक का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं।
Key Highlights:
JSSC CGL Exam Paper Leak मामले पर हाईकोर्ट में लंबी बहस
CBI जांच की मांग पर याचिकाकर्ताओं और सरकारी पक्ष ने दी दलीलें
राज्य सरकार और JSSC ने सबूतों को लेकर याचिकाकर्ता पर उठाए सवाल
कोर्ट ने कहा: फिलहाल रिजल्ट पर रोक जारी रहेगी
अगली सुनवाई की तारीख 15 अक्टूबर तय
हजारों अभ्यर्थी फैसले का इंतजार कर रहे हैं
अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जब तक पूरे मामले की सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक JSSC CGL परीक्षा परिणाम पर लगी रोक बनी रहेगी। इससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिलहाल अधर में हैं और वे अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला JSSC की साख और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अदालत का फैसला आने वाले समय में राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर गहरा असर डाल सकता है।


















