JSSC उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस में पुलिस ही बनी सूचक और गवाह, कोर्ट ने अभ्यर्थियों से व्यवहार पर जताई नाराजगी, जमानत पर सुनवाई आज।
JSSC Paper Leak Case रांची: Jharkhand Staff Selection Commission द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के पेपर लीक मामले में जांच प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ही सूचक और गवाह बनी है, जबकि स्वतंत्र गवाह का अभाव सामने आया है। इस बीच कोर्ट ने पेशी के दौरान अभ्यर्थियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है।
JSSC Paper Leak Case: प्राथमिकी में पुलिस ही सूचक और गवाह
12 अप्रैल को तमाड़ थाना में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मोदी ने पेपर लीक, संगठित अपराध, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। इस एफआईआर में गवाह के रूप में भी पुलिस पदाधिकारी—दारोगा प्रेम सागर सिंह और शंभु पंडित—का नाम शामिल है। मामले में किसी स्वतंत्र गवाह का उल्लेख नहीं होने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही प्राथमिकी में जब्त वाहन या अन्य सामग्री का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है।
JSSC Paper Leak Case: कोर्ट की सख्ती, अभ्यर्थियों के साथ व्यवहार पर आपत्ति
जब पुलिस ने गिरफ्तार अभ्यर्थियों को कोर्ट में पेश किया, तो अदालत ने उनके साथ किए गए व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने पूछा कि अभ्यर्थियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। ज्ञात हो कि पुलिस ने तमाड़ के रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में छापेमारी कर पेपर लीक गिरोह के पांच सरगना समेत 166 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 159 परीक्षार्थी शामिल हैं।
Key Highlights:
JSSC पेपर लीक केस में पुलिस ही बनी सूचक और गवाह
कोर्ट ने अभ्यर्थियों से व्यवहार पर जताई सख्त नाराजगी
166 लोगों की गिरफ्तारी, जिनमें 159 परीक्षार्थी शामिल
17 आरोपियों की जमानत याचिका पर आज सुनवाई
गंभीर धाराओं में केस, आजीवन कारावास तक का प्रावधान
JSSC Paper Leak Case: 17 आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई
मामले में 17 आरोपियों ने अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। इनमें सुनील कुमार, किशोर कुमार, सन्नी राम, रवींद्र कुमार, दिलीप कुमार, शशिकांत और अभिषेक कुमार समेत अन्य शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि सभी आरोपी छात्र हैं और साजिश का शिकार हुए हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। इस पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी।
JSSC Paper Leak Case: जेल में अलग वार्ड, अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
होटवार जेल में अभ्यर्थियों को अलग वार्ड में रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार उनके साथ सामान्य कैदियों जैसा व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्हें अलग भोजन दिया जा रहा है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अभ्यर्थियों के साथ अभिभावक जैसा व्यवहार किया जाए। हालांकि, गिरोह के सात सरगना को अन्य बंदियों के साथ रखा गया है।
JSSC Paper Leak Case: गंभीर धाराओं में केस, कड़ी सजा का प्रावधान
पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिनमें संगठित अपराध, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और उकसाने जैसी धाराएं शामिल हैं। इन धाराओं के तहत न्यूनतम 5 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है। जांच में यह भी सामने आया है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 लाख रुपये तक का सौदा किया गया था।
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