सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड प्रशिक्षित सहायक आचार्य भर्ती मामले में राज्य सरकार और JSSC को नियमावली के अनुसार बची सीटों पर रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया।
JSSC Teacher Recruitment Case रांची: सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 से जुड़े अवमानना मामलों की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं। अदालत ने कहा है कि नियुक्ति नियमावली-2022 और विज्ञापन संख्या 13/2023 का सख्ती से पालन करते हुए बची हुई सीटों पर अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया जाये।
JSSC Teacher Recruitment Case: सुप्रीम कोर्ट ने मांगा अनुपालन रिपोर्ट
जस्टिस जेके महेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में प्रार्थियों की दलीलें सुनने के बाद राज्य सरकार और जेएसएससी को आदेश के अनुपालन के साथ जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप पूरी की जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पारा शिक्षक कोटि के अभ्यर्थियों को गैर पारा कोटि में चयनित किये जाने को चुनौती देने वाली हस्तक्षेप याचिका को भी स्वीकार कर लिया। इस याचिका को अवमानना मामले के साथ जोड़ते हुए अगली सुनवाई जुलाई माह में निर्धारित की गयी है।
Key Highlights
सुप्रीम कोर्ट में सहायक आचार्य भर्ती मामले की सुनवाई
राज्य सरकार और JSSC को बची सीटों पर रिजल्ट जारी करने का निर्देश
नियुक्ति नियमावली-2022 और विज्ञापन 13/2023 का पालन करने का आदेश
पारा शिक्षक कोटि से जुड़ी हस्तक्षेप याचिका स्वीकार
मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी
JSSC Teacher Recruitment Case: आरक्षित और सामान्य कोटि को लेकर उठे सवाल
प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Salman Khurshid ने अदालत को बताया कि आरक्षित श्रेणी के कई अभ्यर्थियों ने सामान्य वर्ग के कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किये हैं, इसके बावजूद उन्हें सामान्य श्रेणी में शामिल नहीं किया गया।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता Gopal Shankar Narayan ने दलील दी कि जिन अभ्यर्थियों ने न्यूनतम कटऑफ से अधिक अंक हासिल किये हैं, उन सभी को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाना चाहिए।
JSSC Teacher Recruitment Case: भर्ती प्रक्रिया पर टिकी अभ्यर्थियों की नजर
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब हजारों अभ्यर्थियों की नजर राज्य सरकार और जेएसएससी की अगली कार्रवाई पर टिक गयी है। माना जा रहा है कि अदालत के आदेश के बाद बची सीटों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आ सकती है।
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