BCKU dharna Rajpura colliery: बिहार कोलियरी वर्कर्स यूनियन (BCKU) के बैनर तले ECL मुगमा एरिया की राजपुरा कोलियरी में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित किया गया। यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना 13 जून से इस इलाके की सभी कोलियरियों में चल रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान, मज़दूरों की लंबे समय से लंबित मांगों और खदानों को बचाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
मैनेजमेंट पर मज़दूरों की लंबित मांगों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप
यूनियन नेता अगम राम ने आरोप लगाया कि कई मुद्दे—जैसे मज़दूरों की ग्रेच्युटी, लंबित ड्यूटी पेमेंट और प्रोविडेंट फंड (PF) सेटलमेंट—लंबे समय से अनसुलझे हैं। उनके अनुसार, सभी मांगें नियमों के मुताबिक होने के बावजूद, मैनेजमेंट उन्हें नज़रअंदाज़ कर रहा है, जिससे मज़दूरों में नाराज़गी बढ़ रही है।
कोयला चोरी और खदान बंद होने के मुद्दे गरमाए
आंदोलन के दौरान खदानों को बचाना मुख्य मुद्दा बनकर उभरा। यूनियन ने आरोप लगाया कि इलाके में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला चोरी से ECL को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, बैजाना कोलियरी खदान से पानी निकालने का काम भी अधूरा पड़ा है।
मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप; आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी
यूनियन ने मैनेजमेंट पर मज़दूरों के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया। यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट दबाव में मज़दूरों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।
जुलाई को ECL हेडक्वार्टर में बड़े धरने की घोषणा
यूनियन ने घोषणा की है कि 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के सांकटोरिया स्थित ECL हेडक्वार्टर में एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व निरसा के विधायक और BCKU के महासचिव अरूप चटर्जी करेंगे।
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