डिजिटल डेस्क: Lucknow के बैंक लूट कांड में मोबाइल कॉल से पकड़ में आया बिहार का कैलाश बिंद गिरोह। यूपी की राजधानी Lucknow के चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में लूट-चोरी कांड का खुलासा शातिरों के मोबाइल कॉल से हुआ।
घटना को अंजाम देने के बाद भी आपस में मोबाइल कॉल से संपर्क में रहे शातिरों में जारी बातचीत से यूपी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिहार के कैलाश बिंद के सदस्यों एक-एक कर धर दबोचना शुरू किया। अभी भी तीन फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
अपने मोबाइल कॉल से यूं पकड़ में आने शुरू हुए बिहार के कैलाश बिंद गिरोह वाले…
यूपी क्राइम ब्रांच के हवाले से Lucknow के बैंक लूट कांड के बारे में जो ताजातरीन जानकारियां सामने आई हैं, वे चौंकानेवाली हैं और सन्न करने वाली भी। लेकिन इसी क्रम में कुछ ऐसी जनकारियां भी हैं जिन्हें जानने के बाद आम लोगों को पुलिस के अपराध-निरोधक गतिविधियों पर नकेल कसने के अत्याधुनिक तरीकों पर भरोसा करना और गर्व करना लाजिमी है।
केस की तफ्तीश के दौरान पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में बैंक के अंदर हेलमेट लगाए हुए एक लुटेरा फोन पर बात करते दिखा। इसके बाद जब बैंक के बाहर की फुटेज खंगाली गई, तो वहां भी एक लुटेरा फोन पर बात करते हुए नजर आया।
इसके बाद पुलिस ने वारदात के वक्त मौके पर एक्टिव रहे मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली। इत्तेफाक ये रहा कि लुटेरों ने बैंक लूटने के बाद भी अपने मोबाइल ऑन रखे। मोबाइल नंबर की डिटेल से पुलिस ने महज 28 घंटों के भीतर ही लुटेरों का पता लगा लिया।

Lucknow में बैंक लूट कांड के दौरान बिहार का कैलाश बिंद गैंग वाले आपस में ले रहे थे वारदा का अपडेट
Lucknow के बैंक लूट कांड में गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि ये सभी मोटरसाइकिलों से मौका-ए-वारदात पर पहुंचे थे। बैंक से कुछ दूरी पर इन्होंने अपनी मोटरसाइकिलें खड़ी कीं और अपने-अपने चेहरों को नकाब और हेलमेट पहनकर छिपा लिया।जिन दो लुटेरों के बीच फोन पर बात हो रही थी, वो एक दूसरे से इस बात के अपडेट ले रहे थे कि अब तक कितने लॉकर कट गए।
चिनहट के इंडियन ओवरसीज बैंक की इस ब्रांच में कुल 90 लॉकर हैं, जिनमें से 70 के भीतर गहने और दूसरे कीमती सामान रखे हुए थे। लुटेरों ने केवल वो लॉकर काटे, जो कम ऊंचाई पर थे, ताकि कम समय में ही वो ज्यादा लूट कर सकें।
इस लूट को अंजाम देने के लिए बिहार का कैलाश बिंद गैंग 17 दिसंबर को ही Lucknow पहुंच गया था और इसके बाद चार दिनों तक बैंक की रेकी की। गैंग में लॉकर काटने वाले एक्सपर्ट भी थे, इसलिए इन्होंने इलेक्ट्रिक कटर से महज कुछ ही घंटों के भीतर 42 लॉकर काट दिए।

Lucknow में बैंक लूट कांड से पहले इंदिरा नगर के होटल में ठहरा था बिहार का कैलाश बिंद गिरोह और की थी रेकी…
अब तक तक जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि Lucknow में बैंक लूट कांड की प्लानिंग करीब सालभर पहले पंजाब की जालंधर जेल में तैयार हुई। इस लूट को अंजाम देने वाले गैंग के मास्टरमाइंड बिहार के कैलाश बिंद की मुलाकात जेल में Lucknow के विपिन नाम के आदमी से हुई,जो बैंक चोरी के मामले में यहां बंद था। उसके बाद दोनों ने मिलकर लखनऊ के इंडियन ओवरसीज बैंक को लूटने की योजना तैयार की।
Lucknow के इंदिरा नगर स्थित एक होटल में बिहार से आपराधिक वारदात को अंजाम देने के न्योते पर पहुंचे कैलाश बिंद गिरोह के सदस्यों के ठहरने का इंतजाम विपिन ने ही किया था। सभी ने एक होटल में रुककर बैंक की रेकी की।
जब सबकुछ प्लान के मुताबिक तैयार हो गया तो शनिवार रात के अंधेरे में सातों लुटेरे बैंक के बगल में बने खाली प्लॉट में पहुंचे और दीवार को काटना शुरू किया। इसके बाद लुटेरों का ये गैंग दो टीमों में बंट गया, जिनमें से एक टीम ने अंदर जाकर लॉकर तोड़े और दूसरी टीम ने बाहर रुककर निगरानी की।

यूपी पुलिस के एनकाउंटर में आज तड़के ढेर हुए बिहार के कैलाश बिंद गिरोह के 2 सदस्य…
Lucknow में डीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि बैंक में चोरी-लूट को अंजाम देने वाले शातिरों को पकड़ने के लिए पुलिस की क्राइम ब्रांच समेत 8 टीम में गठित की गई थीं। बीते 22 दिसंबर को इंडियन ओवरसीज बैंक की चिनहट ब्रांच से चोर करोड़ों के जेवर और बाकी सामान चुराकर फरार हो गए थे।
उसके बाद मौका-ए-वारदात का मुआयना करने और अपराध के तरीकों का विश्लेषण करने के बाद यूपी पुलिस ने अपनी टीमें गठित कीं। डीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि – ‘सोमवार देर रात के मंगलवार अल सुबह के बीच पुलिस की क्राइम इनवेस्टिगेशन टीम चिनहट इलाके में कॉम्बिंग कर रही थी और तभी एक स्विफ्ट कार तेजी से आती दिखी।
…पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसमें से एक व्यक्ति ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में गोली चलाई, जिसमे एक अपराधी घायल हुआ। दूसरा मौके से फरार हो गया।…पकड़े गए आरोपी की पहचान सोबिन्द कुमार के रूप में हुई। उसके पास से भारी मात्रा में सफेद और पीली धातु बरामद हुई। घायल को हॉस्पिटल भेजा गया लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
…दूसरी ओर गाजीपुर में गहमर थाना क्षेत्र के बारा इलाके में कर्मनाशा नदी के पास यूपी बिहार की सीमा पर हुए एनकाउंटर में इसी कांड में शामिल रहा बिहार के मुंगेर का निवासी सन्नी दयाल ढेर हो गया है’।
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