रांची : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लिए आज का दिन काफी अहम होने वाला है. सीबीआई की विशेष अदालत में आज डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में सजा सुनाएगी. आज सजा के लिए दोषियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश करने के लिए लैपटॉप की व्यवस्था की गई है. आज 12 बजे अदालत सजा सुनाना शुरू करेगी. बता दें कि 15 फरवरी को इस मामले में कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया था. चारा घोटाला से जुड़े पांचवें मामले में लालू यादव को सजा होनी है. इन सभी मामलों में राजद प्रमुख को मुख्य साजिशकर्ता माना गया है. अवैध निकासी से जुड़े चार अन्य घोटालों में लालू को पहले ही सजा हो चुकी है.
डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी का है मामला
लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने डोरंडा ट्रेजरी से अवैध तरीके से 139.55 करोड़ रुपए की अवैध रुपए निकाले. बिहार के पशुपालन विभाग से अवैध निकासी का यह मामला साल 1991 से 1996 के बीच का है जिसका खुलासा साल 1996 में हुआ. चारा घोटाला में लालू पहले ही 3.5 साल की सजा काट चुके हैं. डोरंडा निकासी केस में 75 लोगों को दोषी ठहराया गया है.
15 फरवरी को करार दिया था दोषी
139 करोड़ रुपये के डोरंडा चारा घोटाले में आज लालू यादव समेत 38 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सजा सुनाई जाएगी. इससे पहले 15 फरवरी को सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एस. के. शशि ने 41 लोगों को दोषी करार दिया था और सजा के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की थी. आज इनमें से 38 को सजा दी जाएगी. तीन अन्य दोषी 15 फरवरी को अदालत में पेश नहीं हुए थे. उनके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी हो चुका है. आज जिन 38 लोगों को सजा सुनाई जाएगी, उनमें से 35 बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं, जबकि लालू प्रसाद यादव, डॉ. के.एम. प्रसाद और यशवंत सहाय स्वास्थ्य कारणों से जेल से बाहर राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती हैं.
लालू यादव को हो सकती है इतनी सजा
अदालत ने लालू प्रसाद यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471 के साथ षड्यंत्र से जुड़ी धारा 120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2)के तहत दोषी करार दिया है. इन धाराओं में उन्हें 7 साल कैद की सजा हो सकती है. बता दें कि चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में लालू यादव पहले ही 14 साल कैद की सजा पा चुके हैं.
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