
निरसा. झारखंड में लगातार तीन दिन हुई मूसलाधार बारिश के कारण डैमों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इस कारण निरसा विधानसभा अंतर्गत मैथन व पंचेत डैम का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। डैमों की सुरक्षा को ध्यान में रख केन्द्रीय जल आयोग व डीवीसी के एमआरओ विभाग को मैथन व पंचेत डैम से पानी छोड़ना पड़ा। डैमों से पानी छोड़ने के कारण पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस परिस्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने झारखंड पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
सीमा सील होने से निरसा में लोग परेशान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर झारखंड-पश्चिमबंगाल सीमा को तीन दिनों के लिए सील कर दिया गया है। गुरुवार की शाम कुल्टी थाना की चौरंगी चौकी की पुलिस और कुल्टी ट्रैफिक गार्ड की पुलिस झारखंड से बंगाल जाने वाले सभी मालवाहक वाहनों को पश्चिम बंगाल स्थित डिबूडीह चेकपोस्ट पर रोककर वापस झारखंड की ओर भेज रही है। इसके चलते झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कुल्टी नगरपालिका विधायक अजय पोद्दार झारखंड-बंगाल सीमा स्थित डुबूडीह चेक पोस्ट पहुंचे ओर वाहन चालकों से मिलकर उनसे रूबरू हुए। जानकारी देते हुए विधायक अजय पोद्दार ने बताया कि पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री से वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है, आज शाम तक वार्ता सकारात्मक रहेगी और जाम खुल जाएगा।
वहीं दूसरी ओर आक्रोशित माले कार्यकर्ताओं ने झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा स्थित मैथन चेकनाका समीप पश्चिम बंगाल से आ रही गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब पश्चिम बंगाल सरकार झारखंड से आने वाली गाड़ियों को पश्चिम बंगाल में घुसने से रोक रही है तो हम लोग भी पश्चिम बंगाल से झारखंड में आने वाली गाड़ियों को रोक देंगे और झारखंड में नहीं घुसने देंगे।
निरसा से संदीप कुमार शर्मा की रिपोर्ट




