पटना : बिहार की प्रशासनिक मशीनरी में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने नए साल के अंतिम दिनों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन की जो अधिसूचना जारी की है उसे सिर्फ रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे 2025 की गवर्नेंस रणनीति की नींव के रूप में देखा जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी इस आदेश में कुल 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जिसका असर नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक साफ तौर पर दिखेगा।
तबादला सूची में योजना एवं विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, नगर विकास, खेल, पर्यटन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे वे विभाग शामिल हैं
इस तबादला सूची में योजना एवं विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, नगर विकास, खेल, पर्यटन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे वे विभाग शामिल हैं जो सीधे तौर पर जनता और विकास से जुड़े हैं। सरकार का फोकस साफ है कि आने वाले समय में योजनाओं की गति बढ़े, विभागों के बीच तालमेल मजबूत हो और फैसलों का असर कागज से निकलकर जमीन पर नजर आए। यही वजह है कि कई अधिकारियों को न सिर्फ नई पोस्टिंग दी गई है, बल्कि अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं, ताकि प्रशासनिक निर्णयों में देरी न हो।

बिहार राज्य योजना परिषद और आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण सोसाइटी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा
अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजयलक्ष्मी एन को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग से हटाकर अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि योजना एवं विकास विभाग राज्य की नीतिगत दिशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। उनके पास बिहार राज्य योजना परिषद और आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण सोसाइटी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा, जिससे विकास और आपदा प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।

कपिल अशोक को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी दी गई है
वहीं, शीर्षत कपिल अशोक को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। के सेंथिल कुमार को गन्ना उद्योग विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, साथ ही उन्हें योजना परिषद और आपदा पुनर्वास से जुड़े दायित्व भी सौंपे गए हैं। यह संकेत है कि सरकार कृषि और गन्ना उद्योग से जुड़े सेक्टर को नए सिरे से मजबूत करना चाहती है।

ग्रामीण विकास विभाग की कमान अब पंकज कुमार के हाथों में होगी
ग्रामीण विकास विभाग की कमान अब पंकज कुमार के हाथों में होगी, जबकि वे सामान्य प्रशासन विभाग में जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। संजीव हंस को राजस्व परिषद में अपर सदस्य बनाया गया है, जिसे राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसी तरह नर्मदेश्वर लाल को कृषि विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है, जो खेती-किसानी से जुड़ी नीतियों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विनय कुमार को नगर विकास एवं आवास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है
शहरी विकास की बात करें तो विनय कुमार को नगर विकास एवं आवास विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। यह विभाग तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बुनियादी सुविधाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, प्रेम सिंह मीणा को मुंगेर प्रमंडल और मनीष कुमार को सारण प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है, जिससे क्षेत्रीय प्रशासन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

तबादले में खेल और पर्यटन विभाग भी खास तौर पर चर्चा में हैं
इस तबादले में खेल और पर्यटन विभाग भी खास तौर पर चर्चा में हैं। महेंद्र कुमार को खेल विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि आरिफ अहसन को निदेशक, खेल, बिहार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पर्यटन विभाग में निलेश रामचंद्र देवरे को विशेष सचिव बनाया गया है, जिससे राज्य के पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं
स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। अमित कुमार पांडेय को बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाए रखा गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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