रांची : नियोजन नीति में किए गए बदलाव का स्वागत करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि, पूर्व की नियोजन नीति में कई खामियां थी। उन्होंने बताया कि, स्थानीय नियुक्तियों में स्थानीय को तरजीह दी जाएगी। झारखंड में जन्मे और बढ़े लोगों का इस प्रदेश में पहला अधिकार है। उन्होंने बताया कि अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ही उर्दू को भी दूसरी राजभाषा का दर्जा दिया गया है। इसमें कहीं से भी तुष्टिकरण की बात सामने नहीं आती है। जातिगत जनगणना के समर्थन में बोलते हुए कहा कि, अगर जरूरत पड़ी तो झारखंड विधानसभा से सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने कहा कि, मोदी सरकार केवल उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है।


