पटना : बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि आज बिहार की ग्रामीण सड़कों पर विकास का रथ अपनी पूरी गति के साथ दौड़ रहा है। राज्य की ग्रामीण सड़कों को दो लेन की सड़क में तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण सड़कों की निगरानी का काम भी जनता को सौंप दिया है। ग्रामीण सड़कों से संबंधित समस्याएं जनता से ऑनलाइन मांगी जा रही हैं और उनकी शिकायतों को 24 से 72 घंटे के अंदर दूर किया जा रहा है। ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी रविवार को राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार दिवस के अवसर पर ग्रामीण कार्य विभाग के पैवेलियन का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर विधान पार्षद संजय सिंह भी उपस्थित थे।
अब बिहारी होना दुनिया में सम्मान का विषय बन चुका है – मंत्री डॉ. अशोक चौधरी
डॉ. अशोक चौधरी ने पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अब बिहारी होना दुनिया में सम्मान का विषय बन चुका है। उन्होंने बिहार दिवस मनाने की परंपरा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही बिहार की गौरवशाली इतिहास और समृद्ध परम्पराओं का उत्सव मनाने के लिए बिहार दिवस की शुरुआत की है। यह वही दिन है जब वर्ष 1912 में बंगाल से बिहार का विभाजन हुआ था। उन्होंने कहा कि यह देश का वही राज्य है जहां से कभी सम्राट अशोक ने अखंड भारत पर राज किया था।

जब आज से करीब 21 साल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी – डॉ. चौधरी
डॉ. चौधरी ने ग्रामीण कार्य विभाग की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि जब आज से करीब 21 साल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब बिहार में ग्रामीण सड़कों की कुल लम्बाई महज सात हजार किलोमीटर थी। आज बिहार में ग्रामीण सड़कों की लम्बाई बढ़कर एक लाख, 20 हजार किलोमीटर से भी अधिक हो चुकी है। साथ ही, विभाग द्वारा राज्यभर में कुल 2893 ग्रामीण पुलों का भी निर्माण किया गया है। अब ऐसी कोई भी ग्रामीण बसावट नहीं है जो पक्की बारहमासी सड़कों से जुड़ी न हो।
24 घंटे में ठीक हो रही गांव की सड़कें!
उन्होंने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां विकास का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है। चकाचक ग्रामीण सड़कों ने न केवल राज्य के कृषि उत्पादन में अपना योगदान दिया है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नए पंख लगे हैं। अब ग्रामीणों की पहुंच से न तो शिक्षण संस्थान दूर हैं और न ही बैंक, बाजार और अस्पताल। ग्रामीण सड़कों से संबंधित शिकायतों की निपटारे के लिए विभाग ने ‘हमारा बिहार हमारी सड़क’ नामक एक मोबाइल एप का निर्माण किया है। जिसपर ग्रामीण सड़कों से सम्बंधित सभी समस्याओं और शिकायतों का निपटारा महज 24 से 72 घंटे के बीच किया जा रहा है।

बदलते बिहार की असली तस्वीर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की गौरवशाली इतिहास और समृद्ध परम्पराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हर साल 22 मार्च को बिहार दिवस का उत्सव मनाने की शुरुआत की है। उन्होंने राज्य के लोगों में बिहारी होने का गौरव भरा है। इसके लिए बिहार गान और बिहार गीत की भी रचना की गई है।
गांवों की सड़कों से खुल रहा विकास का रास्ता
ग्रामीण कार्य विभाग के पैवेलियन के उद्घाटन के अवसर पर विभाग के अपर सचिव संजय कुमार, अपर सचिव अभय कुमार झा और अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव निर्माण कुमार के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ थीम के साथ समारोह की जोरदार शुरुआत
अपनी गौरवशाली विरासत को संजोए और भविष्य की नई उड़ान भरने के संकल्प के साथ, पटना के गांधी मैदान में आज 114वें बिहार दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष का मुख्य विषय ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास का प्रतिबिंब है। समारोह के पहले दिन गांधी मैदान विभिन्न विभागों के स्टॉल्स और प्रदर्शनियों से सराबोर दिखा, जहां शासन और प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। यह समारोह न केवल बिहार की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह आत्मनिर्भर और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है, जहां हर विभाग तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के माध्यम से प्रदेश की जनता को सशक्त बना रहा है।
बिहार दिवस 2026 : लहठी से सुजनी तक, समाज कल्याण पवेलियन में बिहार की पारंपरिक कला का प्रदर्शन
बिहार दिवस 2026 के मौके पर समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से आयोजित पवेलियन का उद्घाटन किया गया। गांधी मैदान में आयोजित इस तीन दिवसीय (22 मार्च-24 मार्च) कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों एवं इकाइयों के माध्यम से अपनी योजनाओं, उपलब्धियों एवं सेवाओं के प्रदर्शन के लिए थीम-आधारित पवेलियन/स्टॉल स्थापित किए गए है। इन पवेलियनों के माध्यम से आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।

विभाग के अंतर्गत संचालित संस्था आशा किरण के बच्चों की (18 वर्ष के नीचे ) तरफ से बनाई गई कलाकृति एवं महिला लाभार्थी शामिल है
साथ ही बिहार की पारंपरिक कला लहठी, हस्तकरघा, मिथिला, एप्लिक, सुजनी कला हस्तनिर्मित आभूषण, रेडिमेट परिधान ब्लॉक प्रिंट, महिला हेल्पलाईन 181 तथा शी-बॉक्स परामर्श केंद्र पालना घर आदि स्टॉल मौजूद है। विभाग के अंतर्गत संचालित संस्था आशा किरण के बच्चों की (18 वर्ष के नीचे ) तरफ से बनाई गई कलाकृति एवं महिला लाभार्थी शामिल है।
विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है
इनमें प्रमुख रूप से समाज कल्याण निदेशालय, आईसीडीएस निदेशालय, राज्य आयुक्त निशक्तता (दिव्यांगजन) कार्यालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एंड सोशल वेलफेयर (सक्षम) एवं राज्य बाल संरक्षण समिति मौजूद है। महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से राज्य की विकास यात्रा, विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।
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