Yamuna की राह चली गंगा मैया, दिखने लगा है सफेद झाग

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पटना: एक तरफ केंद्र सरकार जीवनदायिनी मां गंगा की साफ सफाई और रख रखाव के लिए करोड़ों रूपये की योजनाएं चला रही है तो दूसरी तरफ अधिकारियों की उदासीनता की वजह से अब गंगा नहीं भी दिल्ली में यमुना की बदतर हालत की तरफ बढ़ने लगी है। राजधानी पटना में कई जगहों पर नालों का जहरीला पानी सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। नालों का पानी बगैर किसी उपचार के गंगा नदी में प्रवाहित किये जाने से अब पटना में गंगा नदी में भी झाग दिखने लगा है।

पटना के दीघा में नालों का दूषित और जहरीला पानी गंगा नदी में सीधे गिराए जाने से वहां अब गंगा नदी के पानी में सफेद झाग दिखने लगा है। हालांकि इसको लेकर प्रशासन का रवैया बिल्कुल ही उदासीन दिखाई दे रहा है क्योंकि पिछले वर्ष भी गंगा नदी में सफेद झाग देखा गया था लकिन इस तरफ कोई कदम नहीं उठाया गया। अकेले राजधानी पटना जिला में ऐसे 507 नाले चिह्नित किये गए हैं जिसका दूषित और जहरीला पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा नदी में गिरता है।

बताया जा रहा है कि दीघा में दीघा नहर का गेट खुला हुआ है जिसकी वजह से एक बार नदी में सफेद झाग वाला पानी गंगा में जाने लगा है। सफ़ेद झाग वाला पानी देख अब लोगों में डर पनपने लगा है कि ऐसे दूषित पानी में स्नान करने के बाद लोग कहीं बीमार न हो जाएँ। एक रिपोर्ट के अनुसार पहले ही गंगा के पानी में टोटल कोलीफॉर्म और फेकल कोलीफॉर्म काफी मात्रा में पाया गया है वहीं अब इस तरह से दूषित पानी गंगा में बहाये जाने से खतरा और बढ़ने लगा है।

क्या है टोटल कोलीफॉर्म

टोटल कोलीफॉर्म एक मिट्टी और पानी में पाया जाने वाला एक बैक्टीरिया है। हालांकि यह हानिकारक नहीं होता है लेकिन यह संकेत देता है कि पानी में खतरनाक बैक्टीरिया को बढ़ावा देने वाला कुछ गंभीर चीज मौजूद है, विशेष रूप से ई. कोली बैक्टीरिया। टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होते हैं और पीने के पानी में इसका पता लगाने का एकमात्र तरीका प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नमूना जमा करना है।

फेकल कोलीफॉर्म

फेकल कॉलिफोर्म भी एक बैक्टेरिया है जो कि पशु पक्षियों के अपशिष्ट पदार्थो से बनता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और यह कई अन्य हानिकारक कारणों को भी बढ़ावा देता है।

क्या हो सकता है खतरा

चिकित्सकों की मानें तो टोटल कॉलिफोर्म और फेकल कॉलिफोर्म वाले पानी से नहाने या उसका उपयोग करने से लोगों को त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है। ऐसे पानी से स्नान करने से त्वचा और स्वस्थ्य के लिए बेहद नुकसान हो सकता है। इस पानी से नहाने से खुजली, एग्जीमा, संक्रमण, स्किन डैमेज समेत कई अन्य बीमारी हो सकती है।

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