हजारीबाग. हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में एनटीपीसी की चट्टीबरियातू कोल माइंस परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आउटसोर्स कंपनी ऋत्विक पर जनभावना और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करते हुए केरेडारी प्रखंड के चट्टीबरियातू गांव स्थित बड़ा तालाब (लातो आहर) के मेढ़ को काटने और ड्रिल के जरिए पानी निकालने का आरोप लगा है। यह घटना सोमवार रात करीब 2 बजे सामने आई, जब ग्रामीणों ने पोकलेन मशीन का उपयोग कर गुपचुप तरीके से किए जा रहे इस प्रयास का तीव्र विरोध किया। ग्रामीणों के अनुसार जैसे ही उन्हें इसकी भनक लगी वे इकट्ठा हुए और काम को रोका। ग्रामीणों के विरोध के बाद पोकलेन चालक और अन्य कर्मचारी मशीन छोड़कर फरार हो गए। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण तुरंत गोलबंद हो गए और मंगलवार सुबह इसकी सूचना हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल को दी।
सूचना मिलते ही सांसद मनीष जायसवाल तत्काल चट्टीबरियातू के संबंधित तालाब पर पहुंचे और पूरी घटना का बारीकी से जायजा लिया। उन्हें पता चला कि यह तालाब चट्टीबरियातू, नावाडीह, पगार, भुइयांटोली सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए नहाने-धोने, मरनी, छठ महापर्व और सिंचाई का मुख्य स्रोत है। स्पॉट का मुआयना करने के बाद सांसद जायसवाल चट्टीबरियातू मंदिर प्रांगण पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से विमर्श किया। इसके बाद उन्होंने एनटीपीसी चट्टीबरियातू कोल माइंस परियोजना के परियोजना प्रमुख (एचओपी) सी.वी. नवीन से मोबाइल पर बात की।
सांसद ने उन्हें को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि कंपनी जनभावना के खिलाफ कोई भी कार्य करती है, तो एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि के तौर पर वे हर स्तर पर इसका विरोध करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी को ग्रामीणों के साथ भाईचारे और समझौते के साथ काम करना चाहिए, न कि जोर-जबर्दस्ती से। सांसद मनीष जायसवाल ने परियोजना प्रमुख को स्पष्ट रूप से बताया कि वह जनता के साथ धरने पर बैठे हैं और तब तक बैठे रहेंगे, जब तक तालाब के काटे गए मेढ़ को वापस भर नहीं दिया जाता और किए गए ड्रिल को बंद नहीं कर दिया जाता।
सांसद मनीष जायसवाल के धरने का असर शुरू, हरकत में आई एनटीपीसी
हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल के चट्टीबरियातू के ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठने के तुरंत बाद एनटीपीसी और उनकी आउटसोर्स कंपनी ऋत्विक हरकत में आ गई है। बीती रात चुपके से काटे गए बड़ा तालाब (लातो आहर) के मेढ़ के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। हालांक, सांसद मनीष जायसवाल का धरना करीब दो घंटे तक चला, जिसके बाद कंपनी द्वारा कार्य शुरू किए जाने पर धरना समाप्त हुआ और कंपनी को कड़ा निर्देश दिया कि जब तक विस्थापित ग्रामीणों की सहमति न हो तब तक किसी भी तरह का लोगों के अहित का कार्य नहीं किया जाय और विशेषकर जलाशय को कदापि नहीं काटा जाय।
धरना समाप्त होने से पूर्व हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि विस्थापन को लेकर कट ऑफ डेट, भवन के लिए मुआवजा और विस्थापन की राशि के लिए मैंने लगातार सदन के माध्यम से आपके हित में मामला उठाया है और हर स्तर पर आपके हितार्थ उचित निर्णय के प्रयास में जुटा हूं, लेकिन आपका कोई भी समस्या हो तो सीधे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें। समाधान का भरसक प्रयास जरूर करूंगा।
उन्होंने ग्रामीणों से विशेष कर युवाओं से कहा कि आप सजग रहें और अपने हक और अधिकार के लिए संवैधानिक तरीके से जरूर लड़े। यहां आकर मुझे अहसास हुआ कि क्षेत्र के नौजवान केस को लेकर दहशत में रहते हैं। आप कानून को अपने हाथ में ना ले, लेकिन किसी भी प्रकार के अत्याचार के खिलाफ प्रतिकार जरूर कीजिए और आपके इस हक और अधिकार की संघर्ष एवं लड़ाई में हम हमेशा आपके साथ रहेंगे।
सांसद मनीष जायसवाल के साथ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, निरंजन साव, भाजपा नेता जुगनू सिंह, जयनारायण मेहता, बड़कागांव भाजपा मंडल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत मेहता, भाजपा नेता उपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, नरेश महतो, शिबू मेहता, नारायण यादव, प्रकाश गुप्ता, प्रीतम साहू, बालगोविंद सोनी, अमित कुमार गुप्ता, आजसू नेता पंकज साहा, कंचन यादव, सुमन गिरी, नरेश महतो, संजय दुबे, कर्मचारी साव, उदय मेहता, अनिल गुप्ता, विधा अलंकार, विजय यादव, सहित अन्य गणमान्य लोग सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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