MPL Land Scam: धनबाद में मैथन पावर लिमिटेड की रेलवे परियोजना के भू-अर्जन घोटाले में ACB जांच तेज। 150 लोगों ने फर्जी डीड पर मुआवजा हड़पा, 192 नाम सामने आए।
MPL Land Scam धनबाद: एंटी करप्शन ब्यूरो ने मैथन पावर लिमिटेड की रेलवे परियोजना से जुड़े भू-अर्जन घोटाले की जांच तेज कर दी है। Maithon Power Limited की रेल लाइन के लिए अधिग्रहित जमीन में फर्जी लाभुक बनकर करोड़ों रुपये के मुआवजे की हेराफेरी का मामला सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, कई लोगों ने 10 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की।
MPL Land Scam:150 लोगों ने गलत डीड पर उठाया मुआवजा
जांच के दौरान जब Anti Corruption Bureau ने संदिग्धों को नोटिस भेजना शुरू किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दो दर्जन से अधिक ऐसे नाम मिले, जिनके पते और पहचान दोनों फर्जी थे। नोटिस भेजे जाने पर दिए गए पते पर उस नाम का कोई व्यक्ति मौजूद ही नहीं मिला।
अब तक की जांच में 192 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। एसीबी सूत्रों का कहना है कि इनमें से लगभग 150 लोगों ने फर्जी डीड के आधार पर असली रैयतों का मुआवजा हड़प लिया।
Key Highlights
MPL रेलवे परियोजना के भू-अर्जन में घोटाले की जांच
192 संदिग्ध नाम सामने आए
लगभग 150 लोगों ने फर्जी डीड पर मुआवजा लिया
2008 में 22 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
ACB ने 2016 में प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की जांच
MPL Land Scam:2008 में हुआ था 22 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2008 में रेलवे लाइन परियोजना के लिए मुग्मा और पांड्रा मौजा में करीब 22 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी।
भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने पर वर्ष 2016 में एसीबी ने प्रारंभिक जांच शुरू की और प्राथमिकी दर्ज की गई। तब से मामले की जांच जारी है।
MPL Land Scam:फर्जी लाभुकों की पहचान जारी
जांच एजेंसी अब दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। राजस्व रिकॉर्ड, डीड और बैंक भुगतान की जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि फर्जी लाभुकों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिन वास्तविक रैयतों को नुकसान हुआ है, उनके मामले की भी समीक्षा की जाएगी।
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