जहानाबाद : राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के चर्चित मामले में जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के बाद एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को सीबीआई की टीम ने पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान हॉस्टल के कमरों, रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की गई। टीम कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर अपने साथ ले गई है, जिनका तकनीकी विश्लेषण कराया जाएगा।
CBI की टीम ने जहानाबाद में परिजनों से की पूछताछ
आपको बता दें कि आज यानी रविवार की सुबह सीबीआई की टीम पीड़िता के पैतृक घर जहानाबाद पहुंची, जहां सुबह लगभग सात बजे से परिजनों से विस्तृत पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने छात्रा की दिनचर्या, मित्रों से संबंध, हालिया गतिविधियों और किसी संभावित विवाद या धमकी के संबंध में जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

क्या है मामला
पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। दरअसल, यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे।
पटना पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था
हालांकि, पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था। इसके साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग बताते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी। एसआईटी की जांच में पता चला कि नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स में स्पर्म पाया गया था। उसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। इसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे। इस पर परिजनों ने सवाल भी खड़े किए थे। इसके बाद ही सरकार ने पूरी जांच सीबीआई को सौंप दिया था।

अब तक क्या पता चला
राजधानी पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही नीट की छात्रा संदिग्ध हालत में मृत पाई गई।
शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताया, जिस पर परिजनों ने कड़ी आपत्ति जताई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने की पुष्टि हुई।
इसके बाद मामले में रेप और हत्या की आशंका जताई गई।
पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया, जबकि हॉस्टल संचालिका को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने पीड़िता को नाबालिग मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं।
एसआईटी जांच में छात्रा के अंडरगारमेंट्स से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई।
डीएनए मिलान के लिए कई लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल हैं।
परिजनों के दबाव और विरोध के बाद राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया।
सीबीआई ने पटना स्थित हॉस्टल में तलाशी ली और अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त किए।
रविवार को सीबीआई की टीम पीड़िता के पैतृक घर जहानाबाद पहुंची और परिजनों से पूछताछ की।
घटनाक्रम
नीट की छात्रा पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी।
छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई।
पुलिस ने शुरुआती बयान में इसे आत्महत्या बताया।
परिजनों ने रेप और हत्या की आशंका जताई और विरोध शुरू किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत सामने आए।
मामला बढ़ने पर एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी ने पीड़िता को नाबालिग मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं।
हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया गया।
केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
सीबीआई ने पटना स्थित हॉस्टल में तलाशी ली।
सीबीआई की टीम जहानाबाद पहुंची और परिजनों से पूछताछ शुरू की।
मुख्य सबूत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत
अंडरगारमेंट्स से स्पर्म मिलने की पुष्टि
हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज
हॉस्टल रजिस्टर और एंट्री रिकॉर्ड
जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस
डीएनए सैंपल (आरोपियों की पहचान के लिए)
आगे क्या
सीबीआई डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कराएगी।
डीएनए सैंपल का मिलान कर संदिग्धों की पहचान की जाएगी।
हॉस्टल स्टाफ और छात्रा के संपर्क में रहे लोगों से दोबारा पूछताछ हो सकती है।
पर्याप्त सबूत मिलने पर सीबीआई चार्जशीट दाखिल करेगी।
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फर ईमाम की रिपोर्ट
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