पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज सुबह 10.30 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जिसमें एक एजेंडे पर मुहर लगी है। साथ ही बैठक के दौरान बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आज एक नई योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को मंजूरी दी गई। इस योजना का मकसद है राज्य के हर परिवार की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना।
महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार पहल की जा रही है – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार पहल की जा रही है। अब इस योजना के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने तथा राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और मजबूत होगी, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मजबूरी में लोगों को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता से बिहार की प्रगति और भी तेज होगी। यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अबतक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
नई योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के रोजगार के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। आर्थिक सहायता के रूप में राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार हेतु 10 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में दी जाएगी।
इच्छुक महिलाओं से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ शुरू की जाएगी। सितंबर 2025 से ही महिलाओं के बैंक खाते में राशि का हस्तांतरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के छह माह के बाद आकलन करते हुए दो लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता आवश्यकतानुसार दी जा सकेगी। राज्य में गांवों से लेकर शहर तक महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट बाजार विकसित किए जाएंगे।
यह लाभ महिलाओं को रोजगार करने के लिए दिया जाएगा, ताकि पूरे परिवार की आमदनी बढ़े व उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। इससे जहां एक तरफ बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होगा, वहीं दूसरी तरफ लोगों को मजबूरी में रोजगार के लिए बिहार राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
योजना की मुख्य बातें
राज्य के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए की पहली किस्त दी जाएगी। महिलाओं के आवेदन प्राप्त करने और योजना की संपूर्ण व्यवस्था ग्रामीण विकास विभाग के जरिए होगी। जरूरत पड़ने पर नगर विकास एवं आवास विभाग भी सहयोग करेगा। सितंबर 2025 से ही महिलाओं के बैंक खाते में राशि का हस्तांतरण शुरू कर दिया जाएगा।
रोजगार शुरू करने के छह माह बाद आकलन कर महिलाओं को दो लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे।
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महिलाओं को 10 हजार की यह राशि नहीं करनी होगी वापस
बैठक के बाद सरकार की तरफ से मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के अलावा सचिव प्रत्यय अमृत ने मीडिया को संबोधित किया। बैठक के दौरान यह कहा गया है कि महिलाओं को 10 हजार की यह राशि वापस नहीं करनी होगी। उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली महिलाओं को दो लाख तक अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
अमृतलाल मीणा ने कहा कि रोजगार शुरू करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को 10 हजार की मुफ्त सौगात मिली है। सभी वर्ग की महिलाओं को 10 हजार रुपए की सौगात दी जाएगी। उद्यम करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को 10 हजार का अनुदान दिया जाएगा।
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विवेक रंजन की रिपोर्ट
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