केला ही नहीं पेड़ भी बेचेंगे अब किसान, गोपाल ने केले को बना दिया हरा सोना

नवगछिया : भारत आज दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है। इसमें 140 करोड़ भारतीयों में से एक-एक का योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुहिम को अमली जामा पहनाने का काम किया है। ऐसे तो लाखों करोड़ों लोग हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री के सपने को साकार किया हो या फिर कर रहे हैं। उनमें से एक भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस लाइन के छोटे से गांव ध्रुवगंज निवासी गोपाल जी भी हैं जो भारत के सबसे युवा वैज्ञानिक के रूप में जाने जाते हैं। जिन्होंने केले से अपनी पहचान बना ली। अब उस केले के पेड़ से ऐसी चीजों को तैयार कर रहे हैं जो पीएम मोदी के मुहिम वेस्ट टू वेल्थ, वोकल फॉर लोकल और सेव नेशन सेव ग्रीन जैसे मुहिम को साकार कर रहे हैं। इसके साथ ही पर्यावरण प्लास्टिक मुक्त हो किसानों की आमदनी बढ़े इस पर कार्य कर रहे हैं।

Goal 22Scope News

गोपाल जी 9 साल की उम्र में केले के पेड़ से बिजली पैदा की थी

हम भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस लाइन के छोटे से गांव ध्रुवगंज निवासी गोपाल जी की बात कर रहे हैं। जिन्होंने नौ साल की उम्र में केले के पेड़ (थंब) से बिजली पैदा की थी। इसके बाद केले पर रिसर्च करते चले गए। अब उन्होंने केले के पल्प से प्लेट सिंगल यूज प्लास्टिक पेपर समेत कई चीजों को तैयार किया है जो दुनिया में छा जाने वाला है। साथ ही प्लास्टिक मुक्त भारत में अहम होने वाला है। दरअसल, नवगछिया केले की खेती के लिए जाना जाता है। किसान पेड़ से केले को काटकर उस पेड़ को फेंक देते हैं। गोपाल जी कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे केले के पेड़ की भी बिक्री होगी।

गोपाल जी पेड़ों को खरीदेंगे और कई आवश्यक चीजें बनाएंगे

आपको बता दें कि गोपाल जी उन पेड़ों को खरीदेंगे। साथ ही साथ उससे पल्प तैयार कर उससे प्लेट और सिंगल यूज प्लास्टिक पेपर सहित अन्य चीजें बनाएंगे। जिसका उपयोग भारत में सबसे ज्यादा होने वाला है। गोपाल ने दिल्ली में प्लांट लगाया है और बड़े स्तर पर प्लांट लगाने की तैयारी है। इसको लेकर बड़े इन्वेस्टर्स और कंपनियों से उनकी बातचीत भी हुई है। उन्होंने केले के पेड़ के पल्प से प्लेट और अन्य चीजों को बनाने की प्रक्रिया को बताया है। साथ ही बताया कि कैसे केला किसानों के लिए हरा सोना होने वाला है। गोपाल जी पर बायोपिक भी तैयार हो रही है। बॉलीवुड के बड़े फिल्म निदेशक बायोपिक तैयार कर रहे हैं।

यह भी देखें :

अमेरिकी राष्ट्रपति और नासा के ऑफर को ठुकराया था गोपाल जी

दरअसल, गोपाल जी अमेरिकी राष्ट्रपति और नासा के ऑफर को ठुकराया था। क्योंकि भारत में रहकर भारत के लिए काम करने की तम्मना है। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी और युवा विभाग ने उनकी सराहना की थी। चांद पर जाने के लिए रोवर तैयार किया, इनकी टीम नासा गई। हांलांकि उस रोवर का चयन नहीं हो सका था। मूल रूप से केले को लेकर गोपाल जी जाने जाते हैं। इन्हें बनाना बॉय भी कहा जाता है। गूगल ने इन्हें इंडियाज यंगेस्ट साइंटिस्ट में पहले स्थान पर बताया है। केले की खेती से किसानों को अब केले से ही नहीं बल्कि उसके पेड़ से मुनाफा होगा। यानी कि आम के आम और गुठलियों के दाम मिलने वाले हैं।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड की दी सौगात, अब मिनटों में घंटों का सफर

राजीव ठाकुर की रिपोर्ट

Patna News: बांस घाट शवदाह गृह हुआ हाईटेक, Isha Foundation विकसित...

पटना के बांस घाट शवदाह गृह में ईशा फाउंडेशन ने आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं। दीघा घाट समेत बिहार के छह शहरों में हाईटेक...

Bihar Urban Transformation Program: विकसित बिहार के लिए Urbanization, Industrialization और...

पटना में बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। मंत्री नीतीश मिश्रा ने विकसित बिहार के लिए शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन को विकास का...

Patna Gig Workers Lounge: डिलिवरी बॉय और राइडर्स के लिए शुरू...

पटना में गिग वर्कर्स के लिए दो अत्याधुनिक एसी लॉउंज शुरू किए गए हैं। यहां आराम, ठंडा पानी, मोबाइल चार्जिंग और सुरक्षा जैसी सुविधाएं...