कटिहार : भारतीय संस्कृति में भगवान शिव के विवाह की वर्षगांठ महाशिवरात्रि के रूप में मनाने की परंपरा वर्षो से चली आ रही है। कटिहार का एक ऐसा भी इलाका है जहां महाशिवरात्रि का यह पर्व अनोखे तरीके से मनाया जाता है। अनोखा इसलिए कि आमतौर पर विवाद को निपटारा करने वाले पुलिस थाने में विवाह होता है। थानेदार दूल्हा बनते हैं। कटिहार के कोढ़ा में महाशिवरात्रि का यह पर्व अनोखे तरीके से मनाया जाता है।
थानेदार बने दुल्हा तो पत्नी बनीं दुल्हन
आपको बता दें कि बुधवार की देर रात भी कुछ ऐसा ही हुआ जब थाने के थानेदार मुकेश कुमार मंडल को महाशिवरात्रि की रात अपनी पत्नी कामिनी के साथ फिर से विवाह करना पड़ा। जहां थाना प्रभारी को ही दूल्हा और उनकी धर्मपत्नी को दुल्हन के रूप में सजाकर भोले बाबा और मां पार्वती के रूप मानकर बारात की झांकी निकलती है। यह परंपरा पिछले 40 सालों से चली आ रही हैं। इस बार भी महाशिवरात्रि पर कोढ़ा थाना के थानेदार मुकेश मंडल और उनकी धर्मपत्नी कामिनी को शिव-पार्वती के रूप में सजाकर पूरा उत्सव मनाया गया।

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बारात में बाराती बने जनप्रतिनिधि और सराती प्रशासन बने
दरअसल, इसमें परंपरा अनुरूप बारात निकालकर लोगों ने जमकर जश्न मनाया। फिर जयमाला हुआ और शिव मंदिर में शादी भी हुई। इस बारात में बाराती बने जनप्रतिनिधि और सराती प्रशासन बने। वहीं थाना प्रभारी मुकेश मंडल शिव बारात से जुडी इस अनोखी परंपरा का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। स्थानीय लोगों ने पूरे विधि-विधान से महाशिवरात्रि के महोत्सव को सम्पन्न कराया। वहीं महाशिवरात्रि के इस विशेष विधान को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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रतन कुमार की रिपोर्ट
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