औरंगाबाद : बिहार के औरंगाबाद से एक बड़ी खबर है। रविवार की रात अलग-अलग घटनाओं में एक मौत हो गयी है जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं स्थानीय बीजेपी के सांसद सुशील कुमार सिंह सभी घायलों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंच गए हैं।
आपको बता दें कि पहली दुर्घटना रफीगंज-ओबरा पथ पर इस्थित चंद्रहेटा कड़सारा गांव के पास की है जहां बाइक और ऑटो में आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई। जिसमें एक की मौत हो गयी है जबकि नौ घायल बताये जा रहे हैं। सभी घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मृतक की पहचान कुटकुरी गांव निवासी विकाश कुमार के रूप में किया गया है।
मृतक के परिजन ने बताया कि विकास कुमार एवं गांव के ही सौरम कुमार एवं सूबेदार पासवान के पुत्र घनश्याम कुमार तीनों एक ही बाइक पर सवार हो रफीगंज मेला देखने जा रहे थे। इसी बीच रफीगंज से अचूकी की ओर जा रहे ऑटो के बीच भीष्म टक्कर हो गई। जिसमें विकास कुमार की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। बाइक सवार सौरभ कुमार एवं घनश्याम कुमार तथा ऑटो में सवार तकरीबन सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। जो सभी अचुकी ग्राम निवासी बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को 112 नंबर के एम्बुलेंस से रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जहां डॉक्टर ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज हेतु औरंगाबाद रेफर कर दिया है।
वहीं रफीगंज पुलिस मृतक के शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। जबकि दूसरी घटना औरंगाबाद सहर की है जहां पंडाल घूमने के दौरान बाइक और बाइक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। जिसमें तीन युवक बुरी तरह से घायल हो गए है। जिसमें एक युवक की पहचान दैनिक जागरण के रिपोटर सुभम कुमार के भाई के रूप में किया गया। सभी घायलों को मौके पर उपस्थित लोगों के द्वारा सदर हॉस्पिटल लाया गया जहां उपस्थित डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों युवक की स्थिति को गम्भीर देखते हुए बाहर रेफर कर दिया गया है।
हालांकि घटना की खबर मिलते ही औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह सदर हॉस्पिटल पहुंच सभी घायलों का जायजा लिया। साथ ही औरंगाबाद हॉस्पिटल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने बताया कि यह हॉस्पिटल जिला का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। लेकिन यह किसी भी तरह का व्यवस्थता नहीं है। उन्होंने हॉस्पिटल के डीएस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि हमने डीएस के पास बहुत बार कॉल किया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इससे यह साबित होता है कि डीएस कितना लापरवाह है।
सांसद ने कहा कि जब डीएस एक सांसद का फोन डीएस नहीं उठा सकता है तो आम जनता का स्थिति क्या होगा। इससे आप खुद ही अंदाज लगा सकते हैं। डीएस के कार्यशौली पर सवाल खड़ा करते हुऐ तत्काल कार्रवाई की मांग किया है। लेकिन वहीं सिविल सर्जन की उन्होंने तारीफ भी किया है। वहीं घायलों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि तीनों घायलों की स्थिति गंभीर है। सभी को मेडिकल टीम की देखरेख में बाहर रेफर कर दिया है।
दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट


