महाकुंभ 2025 में स्नान के लिए करनी पड़ रही 10 किमी की पैदल यात्रा

प्रयागराज : महाकुंभ 2025 में स्नान के लिए करनी पड़ रही 10 किमी की पैदल यात्रा। महाकुंभ 2025 में भारी आस्था एवं श्रद्धा के साथ पधारने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने को सरकारी स्तर पर तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं लेकिन फिर भी मेला क्षेत्र में स्नान के लिए श्रद्धालुओं को 10 किमी की पैदल यात्रा कम से कम करनी ही पड़ रही है। यही महाकुंभ 2025 मेले का सत्य तथ्य है।

महाकुंभ 2025 को लेकर सनातनी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है लेकिन मेला क्षेत्र में पहुंचने पर उन्हें  त्रिवेणी संगम यानी गंगा यमुना और अदृश्य त्रिवेणी के पावन संगम में डुबकी लगाने के लिए काफी पैदल भी चलना पड़ रहा है।

मेला स्थान पर सभी प्रमुख स्नान पर्वों के लिए जो रूट तय है, उसके मुताबिक हर श्रद्धालु या तीर्थयात्री को संगम तक पहुंचने के लिए कम से कम करीब 10 किमी पैदल ही चलना पड़ेगा। हालांकि भीड़ संग आस्था के उत्साह में यह दूरी नजर नहीं आती और लोग संगम तट पहुंचकर पुण्य स्नान के क्रम में डुबकी लगाकर अपने को धन्य मानते हैं। यही यहां जमीनी हकीकत है।

वजह यह कि  बीते  13 जनवरी प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा और 14 जनवरी मकर संक्रांति के दौरान रेलवे स्टेशन और विभिन्न पार्किंग स्थलों से कई किलोमीटर पैदल चलकर मेला क्षेत्र में पहुंचे लाखों श्रद्धालु जिन्हें क्राउड मैनेजमेंट के तहत मेला क्षेत्र में भी डायवर्जन से होकर संगम पहुंचना पड़ा, उन्होंने अपना यही अनुभव बताया है जिसे व्यवस्थापना तंत्र की ओर से पुष्ट भी किया गया है।

यानी कोई भी श्रद्धालु या तीर्थयात्री महाकुंभ में स्नान के लिए ट्रेन या सड़क मार्ग से आ रहा है तो उसे सरकारी तौर पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रदर्शित रूट चार्ट की जानकारी कर लेनी चाहिए।

मौनी अमावस्या पर नो व्हेकिल जोन रहेगा महाकुंभ मेला क्षेत्र

बताया जा रहा है कि अगले दूसरा प्रमुख स्नान पर्व 29 जनवरी मौनी अमावस्या पर दो दिन पूर्व और दो दिन बाद तक नो व्हेकिल जोन रहेगा। ऐसे में सही ट्रैफिक रूट की जानकारी होना पधारने वाले श्रद्धालुओं – तीर्थयात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

वजह यह कि कमिश्नरेट प्रयागराज के सीमावर्ती जनपद कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर ,चित्रकूट ,वाराणसी ,मिर्जापुर ,जौनपुर ,भदोही ,रायबरेली ,रीवा, सतना में भी डायवर्सन प्लान और यातायात को नियंत्रित करने की योजना लागू है। इन जनपदों से आने वाले सड़क मार्गों पर पार्किंग के लिए कुल 102 स्थल बनाए गए हैं जिसमें लगभग साढे 5 लाख वाहनों को पार्क करने की व्यवस्था है।

महाकुंभ स्थित मेला क्षेत्र में आने के लिए सात प्रमुख मार्ग हैं। इसमें सभी प्रमुख साथ मार्गों की अलग-अलग यातायात योजना बनी है। साथ ही बड़े एवं छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थलों का भी निर्धारण किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग तक पहुंचाने के लिए के विभिन्न मार्गों पर यह व्यवस्था बनाई गई है। खास बात यह है कि आगमन और वापसी के अलग-अलग मार्ग है जिसका पालन करने से असुविधा से बचा जा सकता है।

मिर्जापुर, वाराणसी या जौनपुर से महाकुंभ मेला पहुंचने वालों के लिए सलाह…

वाराणसी मार्ग से महाकुंभ मेला क्षेत्र पहुंचने के लिए आगमन मार्ग के लिए राजा तालाब से भदोही हंडिया सैदाबाद हनुमानगंज हसुआ मोड ,कटिहार मोड़ से आगे कटिहार अंडरपास चमनगंज ,जेकेडीएल मार्ग से नागेश्वर शिव मंदिर उस्तापुर पार्किंग तक पहुंचा जा सकता है। वहां से पैदल एरावत घाट और फिर संगम क्षेत्र जा सकते हैं।

महाकुंभ 2025 में संगम तट का नजारा।
महाकुंभ 2025 में संगम तट का नजारा।

वापसी के लिए एरावत संगम घाट से जेकेडीएल मार्ग, रिंग रोड साहसों हसूबा मोड हनुमानगंज सैदाबाद हडिया भदोही राजा तालाब वाराणसी जा सकते हैं। इसी तरह मिर्जापुर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को रज्जू भैया स्टेट यूनिवर्सिटी से आगे सरस्वती हाईटेक पार्किंग, मदनुवा पार्किंग ओमेक्स सिटी पार्किंग, टेंट सिटी पार्किंग, देवरथ पार्किंग में से किसी भी एक पार्किंग पर अपनी गाड़ी पर कर सकते हैं वहां से अरेल संगम घाट तक पैदल जाना होगा।

महाकुंभ में नागा साधुओं का अंदाज
महाकुंभ में नागा साधुओं का अंदाज

लखनऊ, प्रतापगढ़, कानपुर और फतेहपुर की ओर से महाकुंभ में पहुंचने वालों के जारी एडवाइजरी

लखनऊ प्रतापगढ़ मार्ग से मेला क्षेत्र पहुंचने वालों को मलका हरहर इंटर सेक्शन से शांतिपुरम , फ़ाफामऊ तिराहा से चंद्रशेखर आजाद ब्रिज पर से फाफामऊ ब्रिज लूप से नीचे उतर कर रिवर फ्रंट रोड, पर नारायणी आश्रम के सामने से गंगेश्वर पार्किंग पहुंचना होगा। वहां से पैदल गंगेश्वर संगम घाट तक जा सकेंगे।

महाकुंभ में नागा साधुओं का समूह
महाकुंभ में नागा साधुओं का समूह

लेकिन विशेष परिस्थितियों में आपके वाहन को बेला कछार पार्किंग में ही छोड़ना पड़ सकता है जहां से संगम तक इसी रूट पर पैदल जाना होगा जिसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। वापसी के लिए दूसरा मार्ग नागवासुकी संगम भाग सेक्टर 6 से आईईआरटी पार्किंग, आईईआरटी फ्लाई ओवर,मजार चौराहा मंडलायुक्त कार्यालय ,लाजपत राय रोड से स्टैनली रोड तेलियरगंज चंद्रशेखर आजाद पल होते हुए फाफामऊ की तरफ निकल सकते है।

सामान्य परिस्थितियों में आप गंगेश्वर घाट से गंगेश्वर पार्किंग आगे नारायण आश्रम से रिवर फ्रंट रोड होते हुए फ़ाफामऊ ब्रिज लूप – प्लाटून पुल या चंद्रशेखर आजाद ब्रिज पर से फाफामऊ तिराहा से आगे शांतिपूरम होते हुए मलका हरहर इंटरसेक्शन से लखनऊ प्रतापगढ़ मार्ग पर पहुंच सकते हैं।

लखनऊ, फैजाबाद और  प्रतापगढ़ से बाया ट्रेन आने वाले श्रद्धालुओं को फाफामऊ स्टेशन पर उतरना होगा। वहां से पैदल चंद्रशेखर आजाद ब्रिज के नीचे से होते हुए नारायणी आश्रम के सामने बने रिवर फ्रंट रोड से होते हुए गंगेश्वर थाना ,नारायणी थाना सेक्टर 10 के मार्ग चकर प्लेट मार्ग या इंटरलॉकिंग मार्ग से सेक्टर 9,8,7,6,5, होते हुए संगम क्षेत्र तक जाना होगा। इसकी दूरी लगभग 12 किलोमीटर है।

महाकुंभ में साधुओं - संतों का समूह
महाकुंभ में साधुओं – संतों का समूह

कानपुर फतेहपुर से होते हुए कौशांबी मार्ग मार्ग से प्रयागराज की ओर पहुंचने वालों को कौशांबी कोखराज मूरतगंज पूरामुफ्ती से मुंडेरा मंडी के आगे जीटी रोड पर ही सुलेम सराय के आगे नेहरू पार्क सेटेलाइट पार्किंग पर वाहन पार्क करना पड़ेगा। वहां से शटल बस से हिन्दू हॉस्टल पार्किंग तक जाना होगा। फिर वहां से पैदल चलकर संगम क्षेत्र पहुंच सकते हैं।

दिल्ली या कानपुर की तरफ से सूबेदार गंज स्टेशन उतरने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को सूबेदारगंज के बाहर से ही शटल बस सेवा मिलेगी जो हिंदू हॉस्टल तक पहुंचा देगी वहां से पैदल संगम की और कुछ करना होगा। सूबेदारगंज से नेहरू पार्क तक पैदल चलकर वहां पर बनी सैटेलाइट पार्किंग से भी शटल बस की सेवा ले सकते हैं।

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