युवा और छात्र ही कर सकते हैं राष्ट्र का निर्माण, बोले राजनीतिक समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी

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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से समसामयिक राजनीति पर परिचर्चा करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से समसामयिक राजनीति पर परिचर्चा करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।
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वाराणसी :  युवा और छात्र ही कर सकते हैं राष्ट्र का निर्माण, बोले राजनीतिक समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी। वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान में गुरूवार को महाराणा प्रताप युवा मंडल एवं नमस्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि पधारे राजनीतिक समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी ने मौजूदा दौर में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

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अपने संबोधन में रत्नाकर त्रिपाठी ने कहा कि –‘ हर दौर में और विशेषकर मौजूदा दौर में युवाओं और नई पीढ़ी की भूमिका अहम है। युवा और छात्र ही राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं’।

बोले रत्नाकर त्रिपाठी – शिक्षण-संस्थान ही राष्ट्र की निर्मिति के पुरोधा

समाज निर्माण में शैक्षणिक परिसरों की भूमिका विषय पर परिचर्चा व संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनीतिक समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी ने ओजस्वी संबोधन दिया।

अपने संबोधन में रत्नाकर त्रिपाठी बोले – ‘…राष्ट्र-निर्माण एक सतत प्रक्रिया है जिसके शिल्पी उच्च शिक्षा के इन परिसरों में निर्मित होते हैं। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इसृका ज्वलंत एवं जीवंत उदाहरण है। स्वतन्त्रता के तीन दशक पूर्व बनी इस शिक्षाशाला ने स्वतन्त्रता प्राप्ति तक राष्ट्र-विश्वकर्माओं की इतनी बड़ी सेना तैयार कर दी थी कि एक नया भारत “भारतीयों का, भारतीयों के लिए और भारतीयों के द्वारा” निर्मित हो सका।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से समसामयिक राजनीति पर परिचर्चा करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से समसामयिक राजनीति पर परिचर्चा करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।

…विश्व-भारती के सूत्र-वाक्य “यत्र विश्वम भवन्ति एक नीड़म” और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के “यावत्य: शाखा: तावन्तो वृक्षा:” इसी ओर इंगित करते हैं।

…शिक्षण-संस्थान ही राष्ट्र की निर्मिति के पुरोधा हैं और वहाँ से निकले छात्रों ने स्वतन्त्रता संग्राम से लगायत अभियांत्रिकी, चिकित्सा तक के क्षेत्र में इतिहास रचा है।  वर्तमान निर्मित कर रहे हैं और भविष्य का खाका तैयार कर रहे हैं’।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रतिभागी युवाओं को सम्मानित करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रतिभागी युवाओं को सम्मानित करते समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।

डॉ. नागेंद्र ने कहा – नए भारत के निर्माण में युवाओं का योगदान अहम

अध्यक्षता करते हुए महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि युवाओं को शिव प्रसाद गुप्त के योगदान को नहीं भूलना चाहिए और नए भारत के निर्माण में उनके योगदान को स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस आदि विभूतियों से सीख लेते हुए विकसित राष्ट्र निर्माण में योगदान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शैक्षिक सस्थानों का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिस पर हमें गर्व करना चाहिए। अब युवाओं को इन्हीं शैक्षिक सस्थानों के अतीत के शैक्षिक ज्ञान का अनुसरण कर नए भारत के विकसित संकल्प को लेकर विकसित भारत का निर्माण करना होगा।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रतिभागी युवाओं के साथ समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रतिभागी युवाओं के साथ समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी।

समर्थ भारत के  निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का रत्नाकर त्रिपाठी की अगुवाई में युवाओं ने लिया संकल्प…

कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्रों और युवाओं ने अंत में राजनीतिक समालोचक रत्नाकर त्रिपाठी की अगुवाई में समर्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी करने एवं सक्रिय भागीदार बनने का संकल्प लिया।

इस मौके पर महाराणा प्रताप युवा मंडल राजस्थान के अध्यक्ष मयंक ने संस्था के बारे में बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप युवा मंडल सामाजिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।

विषय स्थापना नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्र ने की। इस अवसर पर डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह, डॉ. संतोष कुमार मिश्र, रामात्मा श्रीवास्तव, डॉ. जिनेश कुमार, डॉ. शिव यादव, डॉ. चन्द्रशील पांडेय, देवेन्द्र गिरि, रवि, किशन, संतोष, निधि, विशाल आदि उपस्थित रहे।

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