झारखंड में फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर सवाल। राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को संबद्धता से पहले क्रेडेंशियल जांच के निर्देश दिए।
Nursing Colleges रांची: झारखंड में संचालित फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों की प्रामाणिकता को लेकर अब सख्ती बढ़ने जा रही है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता देने से पहले उनकी गहन जांच कराई जाए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि सभी मानकों से संतुष्ट होने के बाद ही किसी संस्थान को संबद्धता प्रदान की जाए।
यह कार्रवाई फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया में मापदंडों के उल्लंघन की शिकायतों और इस संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर की गई है।
Nursing Colleges: राज्य में 485 नर्सिंग और 71 फार्मेसी संस्थान संचालित
्रारज्य में वर्तमान में 71 फार्मेसी संस्थान संचालित हैं। वहीं कुल 485 नर्सिंग कॉलेज और स्कूल कार्यरत हैं। इनमें 168 एएनएम, 185 जीएनएम, 96 बीएससी नर्सिंग, 20 पोस्ट बेसिक बीएससी और 16 एमएससी नर्सिंग संस्थान शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में संस्थानों के संचालन के बावजूद मानकों के पालन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
Key Highlights
राज्यपाल ने फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों की क्रेडेंशियल जांच के आदेश दिए
संबद्धता से पहले गहन निरीक्षण को अनिवार्य किया गया
34 फार्मेसी कॉलेज मापदंडों का पालन नहीं कर रहे
कई संस्थानों के पास जमीन, भवन और एनओसी तक नहीं
मान्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की तैयारी
Nursing Colleges: 34 फार्मेसी कॉलेज मापदंडों पर खरे नहीं उतरे
राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कुल 74 फार्मेसी कॉलेजों में से 34 कॉलेज फार्मेसी काउंसिल के तय नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई जिलों में छोटे से एक भवन में केवल बोर्ड लगाकर कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। कई संस्थानों के पास न तो अपनी जमीन है और न ही स्थायी भवन। इसके बावजूद ये कॉलेज डिप्लोमा इन फार्मेसी जैसे कोर्स संचालित कर रहे हैं और राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया है।
Nursing Colleges:फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए क्या हैं मापदंड
झारखंड में फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और इंडियन नर्सिंग काउंसिल की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा गठित काउंसिल से मान्यता लेना जरूरी होता है। नगर निगम क्षेत्र में फार्मेसी कॉलेज के लिए कम से कम 2.5 एकड़ और नर्सिंग कॉलेज के लिए बड़े भूखंड की आवश्यकता होती है।
संस्थानों में खेल मैदान, प्रयोगशाला, कम से कम 30 कंप्यूटरों की कंप्यूटर लैब, हॉस्टल सुविधा और इंटर्नशिप के लिए 100 से 150 बेड वाले अस्पताल से संबद्धता जरूरी है। साथ ही योग्य फैकल्टी की नियुक्ति और नामांकन प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग, विश्वविद्यालय और जेसीइसीइबी के नियमों का पालन अनिवार्य है। विश्वविद्यालय की टीम द्वारा निरीक्षण के बाद ही संबद्धता समिति, एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट से स्वीकृति मिलती है।
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