रांची: रांची: समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापक) ने झारखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की घोषणा की है। झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने 15 अक्टूबर से राज्य भर के पारा शिक्षकों की हड़ताल का ऐलान किया है। मोर्चा ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 17 अक्टूबर से मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे।
इससे पहले, पारा शिक्षकों ने 14 अक्टूबर को सभी जिलों में वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री और गिरिडीह के विधायक का पुतला दहन करने का निर्णय लिया है। मोर्चा की प्रमुख मांगों में टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य के पदों पर समायोजन, आकलन परीक्षा उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को वेतनमान, और अन्य पारा शिक्षकों को समतुल्य मानदेय देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के साथ हुए पूर्व समझौतों के पूर्ण अनुपालन की भी मांग की है।
मोर्चा के नेताओं का कहना है कि आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी और मानदेय वृद्धि पर कैबिनेट का निर्णय नहीं हो सका है, और उन्होंने फाइल के गायब होने पर भी सवाल उठाया है।
पारा शिक्षकों की यह हड़ताल सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती साबित हो सकती है, और इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है।







