पटना : आगामी दो नवंबर को पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सफल शिक्षक अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र बाटेंगे। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बड़ा बयान दिया है। पशुपति कुमार पारस ने कहा कि यह लोग देखा देखी काम करते हैं। बिहार में 18 वर्ष से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है तो इतने दिनों से क्यों नहीं शिक्षक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बाटा।
उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र मिल रहा है और बहाली हो रहे हैं तो उनको सही समय पर वेतन मिले और अस्थाई रूप से नौकरी भी दी जाए। वहीं जिस तरीके से बीपीएससी कार्यालय के बाहर शिक्षक अभ्यर्थियों के द्वारा जो प्रदर्शन किया गया, उस पर लाठी चलाई गई। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कोई पहली बार ऐसा हुआ है। जब भी बिहार में कोई प्रदर्शन करते हैं अभ्यर्थी उनको मिठाई नहीं खिलाया जाता उन पर लाठी ही बरसाई जाती है। वहीं बीपीएससी शिक्षक अभ्यर्थी जिस तरीके से धांधली का आरोप लगाया है उसे पर केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा कि हम भी शिक्षक अभ्यर्थी के साथ हैं। बिहार सरकार से मांग करेंगे कि जो भी धांधली हुई है उसको जल्द से जल्द सही किया जाए।
जाति आधारित गणना को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा कि इतिहास में पहली बार इतना सफल काम बिहार में हुआ है। जाति आधारित गणना पर बड़ा बयान देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बार जो महागठबंधन को वोट दिया है उसी को आगे कर दिया गया, बाकी लोग पीछे रह गए हैं। उनके गांव में 10 हजार लोग हैं लेकिन कोई भी अधिकारी जाति आधारित गणना के लिए वहां नहीं पहुंचे।
अविनाश सिंह की रिपोर्ट







