पटना : पंचायती राज विभाग ने पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी और पारदर्शी शासन मिसाल बनकर उभरी रही है। पटना जिले के धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी कुमारी आज विकास की मुख्यधारा में सक्रिय नेता और निर्णयकर्ता बनकर उभरी हैं। महिला मुखिया के नेतृत्व में इस पंचायत ने कल्याणकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन कर देश के लिए एक आदर्श पेश किया है। पंचायत ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए हैं। 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, 100 प्रतिशत स्कूल नामांकन, 100 प्रतिशत पेंशन कवरेज और 100 प्रतिशत श्रम कार्ड वितरण जैसी उपलब्धियां धनरुआ को महिला-हितैषी और समावेशी पंचायत का बेहतरीन उदाहरण बनाती हैं।
खुले में शौच मुक्त गांव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पंचायत में आवास योजना के तहत 99 परिवारों को घर मिला है, वहीं 380 शौचालयों का निर्माण कर खुले में शौच मुक्त गांव की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
महिलाओं के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा
पंचायत ने महिलाओं को शासन की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अगस्त 2022 में गठित लैंगिक मंच के जरिए महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर रख रही हैं। दीदी अधिकार केंद्र लगातार सक्रिय है, जहां महिलाओं को योजनाओं, अधिकारों और कानूनी सहायता के लिए एक खिड़की मिलती है। पंचायत में विभिन्न रजिस्टरों का भी किया जा रहा है- विवाह निबंधन रजिस्टर (बाल विवाह रोकने के लिए), घरेलू हिंसा रजिस्टर और सरकारी योजना रजिस्टर। इनके जरिए न सिर्फ पारदर्शिता बनी हुई है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा भी हो रही है। नियमित बैठकें, जागरूकता अभियान और सामुदायिक गतिविधियां महिलाओं के आत्मविश्वास को लगातार बढ़ा रही हैं। मुखिया रानी कुमारी के सक्रिय और दूरदर्शी नेतृत्व ने साबित कर दिया है कि जब महिलाएं आगे आकर शासन में भागीदारी सुनिश्चित करती है, तो गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। धनरुआ पंचायत अब देशभर के लिए मिसाल बन रही है।
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