PMCH Patna Surgery Campaign, पटना: कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई से पीड़ित बच्चों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सर्जरी अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत इस अभियान की शुरुआत पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (PMCH) में हुई। अभियान के पहले दिन पीएमसीएच में पांच बच्चों की सफल सर्जरी की गई। इनमें कटे तालु से पीड़ित दो बच्चे, कटे होंठ से पीड़ित दो बच्चे और टंग टाई की समस्या से जूझ रहा एक बच्चा शामिल है। इस पहल के तहत राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों को शामिल किया गया है, ताकि इन समस्याओं से पीड़ित बच्चों को समय पर सर्जरी और जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई का होगा इलाज
कटे होंठ और कटे तालु जन्मजात स्थितियां हैं, जिनमें होंठ या मुंह के ऊपरी हिस्से में दरार होती है। इन समस्याओं के कारण कुछ बच्चों को दूध पीने, भोजन करने और बोलने में परेशानी हो सकती है। समय पर चिकित्सकीय परामर्श और सर्जरी से उन्हें राहत मिल सकती है। वहीं, टंग टाई में जीभ के नीचे मौजूद ऊतक के अधिक कसे होने के कारण जीभ की गति सीमित हो सकती है। इससे कुछ बच्चों को स्तनपान या बोलने में परेशानी हो सकती है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान ऐसी समस्याओं से प्रभावित बच्चों को उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में शुरू किया गया है।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक की सर्जरी
पीएमसीएच में सर्जरी प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई। टीम में डॉ. पुरुषोत्तम कुमार और डॉ. विकास कुमार शामिल रहे। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया इकाई के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार और डॉ. शबकत ने सहयोग दिया। कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के संचालन में शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार, इकाई प्रभारी डॉ. मनोज कुमार सिंह और आरबीएसके के सह-नोडल अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र कुमार सिंह ने भी सहयोग किया।
राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों में चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने इस विशेष अभियान में बिहार के 12 चिकित्सा संस्थानों को शामिल किया है। इसका उद्देश्य कटे होंठ, कटे तालु और टंग टाई से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में जन्मजात दोषों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान तथा उपचार पर ध्यान दिया जाता है। विशेष सर्जरी अभियान इसी दिशा में एक पहल है। पीएमसीएच में अभियान की शुरुआत के अवसर पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार, आरबीएसके के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रवि प्रकाश और इकाई प्रभारी डॉ. सेतु बंधु तिवारी मौजूद रहे।
जन्मजात समस्याओं के उपचार पर स्वास्थ्य विभाग का जोर
बच्चों में जन्मजात समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कटे होंठ, कटे तालु या टंग टाई जैसी स्थितियों में चिकित्सकीय जांच के बाद उचित उपचार से बच्चों को दैनिक गतिविधियों में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है। बिहार में शुरू किया गया यह अभियान ऐसे बच्चों तक सर्जरी की सुविधा पहुंचाने का प्रयास है। इसके तहत पीएमसीएच में पहले दिन पांच बच्चों की सर्जरी की गई, जबकि राज्य के अन्य शामिल चिकित्सा संस्थानों में भी अभियान के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराने की योजना है।


















