मोतिहारी : भारत-नेपाल सीमा से सटे घोड़ासहन थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 67 लाख रुपए से अधिक की नगदी बरामद की है। यह छापेमारी साइबर थाना पुलिस ने स्थानीय घोड़ासहन थाना और आसपास के अन्य थानों के सहयोग से संयुक्त रूप से की। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा झटका लगा है।
साइबर फ्रॉड का संगठित गिरोह बड़े स्तर पर लोगों को ठग रहा है – साइबर DSP अभिनव पराशर
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब साइबर डीएसपी अभिनव पराशर को गुप्त सूचना मिली कि घोड़ासहन क्षेत्र में साइबर फ्रॉड का संगठित गिरोह बड़े स्तर पर लोगों को ठग रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसकी जानकारी जिला एसपी स्वर्ण प्रभात को दी। इसके बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।

पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब 67 लाख रुपए नकद बरामद किए गए, जिनमें भारतीय और नेपाली मुद्रा दोनों शामिल हैं। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी की घटनाओं में संलिप्त हो सकता है।
पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है – पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बरामद नकदी के स्रोत और इसके उपयोग की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे साइबर ठगी से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट
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