Prashant Kishor Bihar Politics: बांकीपुर के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में अपनी आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। जनसुराज अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ आगामी चुनावों की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। विधान परिषद की शिक्षक-स्नातक सीटों के चुनाव और पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी ने अभी से अपनी गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, पार्टी की आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा कार्यकारिणी की बैठक के बाद किए जाने की बात कही गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया पार्टी का प्लान
जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पार्टी की आगामी गतिविधियों को लेकर जानकारी दी। उनके मुताबिक, संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए कई कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इसी क्रम में प्रशांत किशोर के दोबारा बिहार की यात्रा पर निकलने की भी तैयारी है। पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में चर्चा के बाद यात्रा और अन्य कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
सितंबर से बिहार यात्रा पर निकल सकते हैं प्रशांत किशोर
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर सितंबर 2026 से बिहार की यात्रा शुरू कर सकते हैं। इस दौरान उनके अलग-अलग जिलों की पंचायतों, कस्बों और गांवों में जाने की संभावना है। यात्रा के दौरान जनसभाओं और विभिन्न कार्यक्रमों के साथ संगठन विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा। जनसुराज का प्रयास जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूत करने का होगा। बताया जा रहा है कि यह यात्रा करीब तीन महीने तक चल सकती है। हालांकि, यात्रा की तारीख, रूट और कार्यक्रमों को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
पहले भी बिहार की यात्रा कर चुके हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर इससे पहले भी बिहार में लंबी यात्रा कर चुके हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में पैदल यात्रा की थी। अब आगामी चुनावों को देखते हुए एक बार फिर उनके व्यापक दौरे की तैयारी की जा रही है। पार्टी की नजर खासतौर पर संगठन विस्तार और स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने पर है।
शिक्षक-स्नातक और पंचायत चुनाव पर नजर
बिहार में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक कोटे की सीटें शामिल हैं। इन सीटों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। इसके अलावा बिहार में पंचायत चुनाव भी होने हैं। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव का रास्ता साफ होगा। प्रशांत किशोर पहले ही हर जिले में जनसुराज का जिला परिषद अध्यक्ष बनाने का लक्ष्य बता चुके हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव पार्टी के लिए जमीनी संगठन और राजनीतिक प्रभाव को परखने का महत्वपूर्ण मौका हो सकते हैं।
चिराग पासवान ने की प्रशांत किशोर की तारीफ
जनसुराज की बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर की तारीफ की है। चिराग पासवान के अनुसार, प्रशांत किशोर जाति और धर्म को मुद्दा बनाए बिना बिहार के विकास और रोजगार की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर के सामने आने वाले वर्षों में कई चुनौतियां होंगी, लेकिन वह बिहारियों को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
आगामी चुनावों में बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद जनसुराज की आगामी चुनावों को लेकर सक्रियता बिहार की राजनीति में नई चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, जनसुराज का प्रदर्शन आगामी चुनावों में कितना प्रभावी रहेगा, यह उसके संगठन विस्तार, उम्मीदवारों के चयन और स्थानीय स्तर पर जनसमर्थन पर निर्भर करेगा। फिलहाल प्रशांत किशोर का फोकस बिहार के गांवों और पंचायतों तक संगठन को पहुंचाने तथा आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक आधार तैयार करने पर नजर आ रहा है।
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