पलामूः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री रामा शंकर पासवान की अध्यक्षता में नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय की घोर अनियमितता एवं लापरवाही के कारण गणेश लाल अग्रवाल महाविद्यालय में 2018-21 और 2019-22 के जेनेरिक परीक्षा में सोशियोलॉजी की पढ़ाई नहीं होती है।
परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन की गलती के कारण परीक्षा फॉर्म में ऑनलाइन माध्यम से सोशियोलॉजी विषय का फॉर्म भरवा लिया गया। महाविद्यालय में आयोजित आज परीक्षा के दौरान परीक्षा शुरू होने पर छात्रों को बताया गया कि इस विषय का प्रश्न पत्र नहीं छपा है वह दूसरे विषय की परीक्षा देने का दबाव बना रहे थे।
उप परीक्षा नियंत्रक ने फिर से परीक्षा कराने का दिया भरोसा
जिस पर विद्यार्थियों के बीच असमंजस्य की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसी स्थिति में परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही का मामला प्रकाश में आने के बाद मौके पर पहुंचे नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक बीके सिंह का छात्रों ने घेराव किया।
जिसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ने बच्चों को फिर से परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से भरने और एक साथ जेनेरिक पेपर विषय की परीक्षा लेने की बात कही। विश्वविद्यालय के द्वारा ऐसी भूल पहले भी कई बार हो चुकी है लेकिन विश्वविद्यालय अपने इस रवैये से बाज नहीं आ रहा है।
परीक्षा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं
जो बच्चे दूसरे राज्यों में पढ़ रहे हैं उसके बावजूद परीक्षा देने अपने समय पर पहुंचे और उनका परीक्षा नहीं हो पाना यह बेहत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उक्त अवसर पर उपस्थित परिषद के राष्ट्रीय प्रादेशिक सह संयोजक विनीत पांडे ने कहा कि वर्तमान नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय अधिकारी विहीन हैं।
विश्वविद्यालय किसी तरह प्रभार में चल रहा हैं। एनसीसीएफ जैसी भ्रष्ट कंपनी परीक्षा विभाग का कार्य कर रही है। इस तरह का कुकृत्य होना कोई सामान्य बात नहीं हैं। विश्वविद्यालय में छात्रों से पैसे की अनावश्यक पैसे की उगाही का कार्य निरंतर जारी हैं। परिषद के कार्यकर्ता महामहिम राज्यपाल से यह मांग करते हैं ऐसी भ्रष्ट एजेंसीयों को अभिलंब निरस्त करें एवं भ्रष्ट अधिकारियों को पदमुक्त करें।


