बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11:30 बजे नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 16 मार्च को मतदान होगा।
Rajya Sabha Election 2026 पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन की प्रक्रिया अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। आज 5 मार्च को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है और इसी के साथ राज्य की सियासत में हलचल भी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सुबह 11:30 बजे राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। उनके नामांकन को लेकर सियासी हलकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस मौके पर कई बड़े नेता भी मौजूद रह सकते हैं, जिससे यह नामांकन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Rajya Sabha Election 2026: 5 सीटों के लिए हो रहा है चुनाव
बिहार में इस बार राज्यसभा की कुल 5 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। नामांकन की अंतिम तिथि आज 5 मार्च तय की गई है। इसके बाद 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और नतीजे सामने आएंगे।
Key Highlights
• बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया अंतिम चरण में
• आज 5 मार्च को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि
• मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11:30 बजे कर सकते हैं नामांकन दाखिल
• 16 मार्च को मतदान और उसी दिन शाम को मतगणना
• विधानसभा गणित के आधार पर NDA को 4 सीटें मिलने की संभावना
Rajya Sabha Election 2026: एनडीए और विपक्ष में सियासी हलचल
इस चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से कई प्रमुख नेताओं के नाम सामने आए हैं। भाजपा ने नितिन नवीन और शिवेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं एनडीए के सहयोगी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी नामांकन दाखिल करने वाले हैं।
दूसरी ओर विपक्षी खेमे में भी रणनीति पर मंथन जारी है। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से तेजस्वी यादव के नाम की चर्चा चल रही है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
Rajya Sabha Election 2026: विधानसभा के गणित से तय होगा परिणाम
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर राज्यसभा चुनाव का गणित भी दिलचस्प माना जा रहा है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है।
वर्तमान स्थिति के अनुसार एनडीए के पास इतना समर्थन है कि वह आसानी से चार सीटें जीत सकता है। हालांकि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में राज्य के नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं और संभावनाएं भी तेज हो सकती हैं।
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