Ranchi Treasury Fraud: फ्रोजन सीमेन बैंक में 17.14 लाख की हेराफेरी, फर्जी ID बनाकर वेतन के नाम पर निकाली रकम

रांची के फ्रोजन सीमेन बैंक में वेतन मद में 17.14 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। फर्जी आईडी बनाकर राशि निकासी के आरोप में पूर्व लेखापाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।


Ranchi Treasury Fraud रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी खजाने में सेंधमारी और वित्तीय धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। होटवार स्थित फ्रोजन सीमेन बैंक में वेतन मद की राशि में हेराफेरी कर 17.14 लाख रुपये की अवैध निकासी किए जाने का खुलासा हुआ है। मामला वित्तीय वर्ष 2020-21 से जुड़ा है। इस संबंध में फ्रोजन सीमेन बैंक के कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिन्हा ने खेलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

Ranchi Treasury Fraud: फर्जी आईडी बनाकर निकाले गए लाखों रुपये

एफआईआर के अनुसार, तत्कालीन लिपिक सह लेखापाल मुनींद्र कुमार पर कुबेर पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी टेंपररी आईडी बनाने और सरकारी राशि निकालने का आरोप है। वर्तमान में वह पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, कांके में प्रधान लिपिक के पद से निलंबित है।

विभागीय जांच में सामने आया कि आरोपी ने मासोमात पोकली उरांव के नाम से फर्जी टेंपररी आईडी बनाकर अक्टूबर 2007 से जुलाई 2020 तक का बकाया वेतन दर्शाते हुए 6.90 लाख रुपये निकाले। इसके बाद अक्टूबर 2020 का वेतन दिखाकर उसी खाते में 7.12 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। यह राशि बैंक ऑफ इंडिया की अरसंडे शाखा स्थित खाते में भेजी गई।


Key Highlights

  • फ्रोजन सीमेन बैंक में 17.14 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला।

  • फर्जी टेंपररी आईडी बनाकर वेतन के नाम पर सरकारी राशि निकाली गई।

  • विधवा महिला और पूर्व चालक के नाम पर भी अवैध भुगतान का आरोप।

  • आरोपी तत्कालीन लिपिक सह लेखापाल के खिलाफ खेलगांव थाने में एफआईआर दर्ज।

  • विभागीय जांच में कुबेर पोर्टल के दुरुपयोग और रिकॉर्ड छिपाने की बात सामने आई।


Ranchi Treasury Fraud: पूर्व चालक के नाम पर भी वेतन भुगतान दिखाया

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कार्यालय के पूर्व चालक मो. नेसार आलम के नाम पर अक्टूबर 2020 का वेतन दिखाते हुए 3.12 लाख रुपये एसबीआई के संयुक्त खाते में ट्रांसफर कर दिए, जो उनकी पत्नी नूरजहां बेगम के साथ संचालित है।

शिकायतकर्ता डॉ. विवेक कुमार सिन्हा के अनुसार, इन निकासी से संबंधित कोई बिल, वेतन विवरणी या अन्य दस्तावेज कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वित्तीय गड़बड़ी के सबूत छिपाने का प्रयास किया गया।

Ranchi Treasury Fraud: खुद को अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के नाम पर भी बनाई फर्जी आईडी

विभागीय जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मुनींद्र कुमार ने अपने नाम से भी कुबेर पोर्टल पर फर्जी टेंपररी आईडी बनाई। इसमें उसने खुद को कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी (एआईओ) यानी राजपत्रित अधिकारी दर्शाया और पे-स्केल, बेसिक वेतन तथा ग्रेड पे जैसी जानकारियां भी फर्जी तरीके से दर्ज कीं।

इसके अलावा प्रियंका कुमारी और डॉ. बालमुकुन्द प्रसाद के नाम पर भी टेंपररी आईडी बनाई गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी खजाने को कुल कितना नुकसान पहुंचा।

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