रातू चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर आज सुबह 5 बजे से रातू बंद जारी। काठीटांड़ चौक बैरिकेडिंग के विरोध में सभी दुकानें बंद, व्यापार ठप।
Ratu Bandh Live रांची:रातू में प्रशासन की बैरिकेडिंग के विरोध में आज बुधवार को रातू बंद पूरी तरह प्रभावी बना हुआ है। रातू चैंबर ऑफ कॉमर्स के आवाहन पर सुबह 5 बजे से ही काठीटांड़ चौक, एनएच 75, ब्लॉक रोड और पिर्रा रोड की दुकानें शत प्रतिशत बंद हैं। पूरे क्षेत्र में बाजार बंद रहने से व्यावसायिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं और सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा एनएच 39 स्थित काठीटांड़ चौक पर की गई बैरिकेडिंग के विरोध में व्यापारी आज अपनी दुकानें बंद कर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद को लेकर स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है।

Ratu Bandh Live:मशाल जुलूस के बाद आज बंद, समर्थन जुट रहा
बंद की पूर्व संध्या पर मंगलवार की रात स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने मशाल जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। उसी क्रम में आज सुबह से लाउडस्पीकर के माध्यम से काठीटांड़ चौक और आसपास के इलाकों में दुकानें बंद रखने की सूचना दी जा रही है। व्यापारियों और आम नागरिकों से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की जा रही है, जिसका असर साफ दिख रहा है।
Key Highlights
आज सुबह 5 बजे से रातू बंद पूरी तरह प्रभावी
काठीटांड़ चौक और एनएच 75 की दुकानें शत प्रतिशत बंद
बैरिकेडिंग के विरोध में व्यापारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे
मशाल जुलूस के बाद आज बंद को मिल रहा व्यापक समर्थन
ट्रैफिक लाइट और गोलचक्कर की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
Ratu Bandh Live:बैरिकेडिंग से व्यापार ठप, आर्थिक संकट की आशंका
रातू चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग के कारण कई व्यापारियों का कारोबार पहले ही बंद हो चुका है और कई प्रतिष्ठान अब बंद होने की कगार पर हैं। दुकानदारों का आरोप है कि यह केवल ट्रैफिक नियंत्रण नहीं, बल्कि व्यापारियों की आर्थिक नाकेबंदी है। वर्तमान स्थिति में रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
Ratu Bandh Live:वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था की मांग
व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि काठीटांड़ चौक पर जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, ट्रैफिक लाइट या गोलचक्कर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। इसके बजाय सीधे बैरिकेडिंग कर देना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। चेंबर पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक बैरिकेडिंग नहीं हटाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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