डिजिटल डेस्क : यूपी के हर जिले में बनेगा रोड सेफ्टी पार्क, सीएम योगी का निर्देश। यूपी में रोड सेफ्टी क्लब के तर्ज पर अब रोड सेफ्टी पार्क बनाने की तैयारी है।
बुधवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘स्कूलों-कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब की तर्ज पर प्रत्येक जनपद में रोड सेफ्टी पार्क बनाए जाएं।
…सूचना, परिवहन व सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों द्वारा लोगों से ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील करने वाली होर्डिंग लगाई जाएं। इसे सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 1500 थानों व सभी नगर निकायों के बाहर भी लगाया जाए’।
‘दुर्घटना देखकर लोग भागें नहीं, घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाएं…’
इसी बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ एक खास बिंदु पर विशेष तौर पर फोकस किया। सीएम योगी ने कहा कि अक्सर लोग सड़क हादसों या दुर्घटनाओं होने पर मौके से भागते हैं और कई बार समय पर घायल अस्पताल नहीं पहुंच पाता या पहुंचने में देर होती और तब तक उसकी मौत हो चुकी होती है।
इसी पर चिंता जाहिर करते हुए सीएम योगी ने कहा कि –‘ राहगीरों/आमजन को जागरूक किया जाए कि दुर्घटना को देखकर भागें नहीं, बल्कि घायलों को गोल्डेन आवर के अंदर समीप के हॉस्पिटल या ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाएं। एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम करें’।

सीएम योगी बोले – सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष हो रही 23-25 हजार मौतें देश और राज्य की क्षति
यही नहीं, सीएम योगी ने इसी क्रम में आगे कहा कि – ‘सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष हो रही 23-25 हजार मौतें देश व राज्य की क्षति है। यह दुर्घटनाएं जागरूकता के अभाव में होती हैं। ऐसे में, सड़क सुरक्षा माह सिर्फ लखनऊ तक सीमित न रहे, बल्कि इसे प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सुचारू रूप से सम्पन्न कराया जाए।
…इसके अतिरिक्त, प्रत्येक माह सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा की बैठक हो, जिसमें पुलिस अधीक्षक-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आदि उपस्थित रहें’।

सीएम योगी बोले – नाबालिग ना चलाएं वाहन, सड़क सुरक्षा के लिहाज से इस पर दिया जाए विशेष ध्यान…
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि –‘ हर तीसरे महीने जनपद स्तर पर हुए कार्यों का प्रगति मूल्यांकन शासन स्तर पर किया जाए। उन जनपदों व स्थलों को चिह्नित करें, जहां अधिक दुर्घटनाएं सम्भावित हैं। कारणों का पता लगाते हुए, इस समस्या के समाधान की कार्ययोजना बनाई जाए।
…नाबालिग, ई-रिक्शा व अन्य वाहनों का संचालन न कर पाएं, इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई सुचारु रूप से की जाए।
…जनपदीय सड़क सुरक्षा समितियां जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 5 जनवरी, 2025 तक हर हाल में बैठक सम्पन्न कर लें। 6 से 10 जनवरी, 2025 तक सभी स्कूलों-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा नियमों से सम्बन्धित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। महाकुम्भ में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए पीआरडी व होमगार्डों की संख्या बढ़ाई जाए’।
Highlights







