Sand Mining Jharkhand: झारखंड में Sand Mining पर हाईकोर्ट की रोक हटी, पेसा नियमावली लागू, फिर भी अभी नहीं मिलेगा सस्ता बालू

झारखंड में पेसा नियमावली लागू होने के बाद हाईकोर्ट ने बालू घाटों पर लगी रोक हटा दी है, लेकिन पर्यावरण मंजूरी के कारण सस्ता बालू मार्च के बाद मिलेगा।


Sand Mining Jharkhand: हाईकोर्ट के फैसले से हट गई चार महीने पुरानी रोक

Sand Mining Jharkhand रांची: झारखंड में पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम 1996 की नियमावली लागू होने के बाद हाईकोर्ट ने बालू घाटों सहित लघु खनिजों के आवंटन पर लगी रोक हटा ली है। चीफ जस्टिस शरदचंद्र सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग से पेसा नियमावली लागू होने की पुष्टि मिलने पर संतोष जताया और आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की याचिका निष्पादित कर दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमावली पर यदि किसी को आपत्ति है तो वह अलग से रिट याचिका दाखिल कर सकता है।

यह रोक 9 सितंबर 2025 को तब लगाई गई थी जब राज्य सरकार ने पेसा नियमावली लागू नहीं की थी। इसके चलते टेंडर होने के बावजूद कई जिलों में बालू घाटों का आवंटन अटका रहा और बाजार में संकट गहराता चला गया।


Key Highlights

  1. हाईकोर्ट ने बालू घाटों और लघु खनिजों के आवंटन पर लगी रोक हटाई

  2. पेसा नियमावली लागू होने के बाद अवमानना याचिका निष्पादित की गई

  3. राज्य में अवैध बालू की बिक्री अब भी जारी, कई जिलों में ऊंचे दाम

  4. 444 कैटेगरी बी बालू घाटों का टेंडर अलग-अलग चरणों में

  5. मार्च के बाद ही घाटों से नियमित बालू आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद


Sand Mining Jharkhand:अवैध बालू की खुलेआम बिक्री और ऊंचे दाम

घाटों के बंद रहने का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा है। रांची सहित पूरे राज्य में अवैध बालू का उठाव जारी है। रात के अंधेरे में पुलिस प्रशासन और स्थानीय स्तर पर माफिया गठजोड़ के सहारे घाटों से बालू निकाला जा रहा है। कई जिलों में 100 सीएफटी बालू के लिए 6000 रुपये तक की वसूली हो रही है। चाईबासा में यही बालू 6500 रुपये तक बिक रहा है, जबकि रांची में इसके दाम 4500 से 5500 रुपये के बीच हैं।

हालांकि कुछ जिलों जैसे कोडरमा, जामताड़ा, लातेहार, रामगढ़, सिमडेगा और लोहरदगा में यही बालू 1500 से 3000 रुपये के बीच उपलब्ध है, लेकिन वहां भी आपूर्ति सीमित है और मांग के मुकाबले काफी कम।

Sand Mining Jharkhand:मार्च के बाद ही सस्ता बालू मिलने की उम्मीद

राज्य में कैटेगरी बी के कुल 444 बालू घाट हैं, लेकिन अब तक केवल 15 जिलों में ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो सकी है। जिन जिलों में टेंडर हो गया है, वहां अगले करीब 15 दिनों में घाटों का आवंटन होगा। इसके बाद ठेकेदारों को पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिया में आवेदन करना होगा और फिर प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से कंसेंट टू एस्टेब्लिश और कंसेंट टू ऑपरेट की अनुमति लेनी पड़ेगी।

Sand Mining Jharkhand

खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन सभी प्रक्रियाओं में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। इसलिए मार्च से पहले नियमित रूप से घाटों से बालू का उठाव शुरू होना मुश्किल है। इसके बाद ही बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ेगी और दामों में गिरावट आने की संभावना बनेगी।

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रांची में वर्ष 2017 तक बालू घाटों का टेंडर सिस्टम लागू था, जिसमें चालान के आधार पर बालू की बिक्री होती थी। बाद में जेएसएमडीसी के जरिए व्यवस्था बदलने से कालाबाजारी बढ़ी। अब आठ साल बाद फिर से घाटों का टेंडर होने से उम्मीद जगी है कि बालू बाजार में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

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