चाईबासा के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन जारी, 1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा घेरे में होने का दावा
Saranda Operation रांची: Saranda Forest के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान चल रहा है। छोटानागरा और जरायकेला क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने चप्पे-चप्पे पर तैनाती कर करीब 10 किलोमीटर के इलाके को घेर लिया है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों और Jharkhand Jaguar की संयुक्त टीम पिछले 15 दिनों से लगातार जंगल के भीतर आगे बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस घेरे में शीर्ष नक्सली नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ फंसा हुआ है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
Saranda Operation: घेराबंदी में फंसा नक्सली नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, मिसिर बेसरा करीब 25 नक्सलियों के साथ बाबूडेरा के आसपास छिपा हुआ है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर नक्सलियों की सप्लाई लाइन काट दी है, जिससे राशन और पानी तक की पहुंच बंद हो गई है।
तीन तरफ से इलाके को सील कर दिया गया है और जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। बीच-बीच में फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे इलाके में तनाव बना हुआ है।
Key Highlights:
सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन जारी
1 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा घेरे में होने का दावा
10 किमी इलाके की घेराबंदी, सप्लाई लाइन काटी गई
लगातार मुठभेड़ और फायरिंग की घटनाएं
सुरक्षा बलों ने तीन तरफ से इलाके को किया सील
Saranda Operation: लगातार बढ़ रहा दबाव
15 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में कुछ जवान घायल भी हुए थे, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन जारी रखा गया। 24 अप्रैल को गोईलकेरा के बांगरकिया क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि इस बार अभियान निर्णायक मोड़ पर है और नक्सलियों के बच निकलने की संभावना बेहद कम है।
Saranda Operation: जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई
भौगोलिक रूप से दुर्गम माने जाने वाले इस इलाके में जवानों ने रणनीतिक तरीके से मोर्चा संभाल रखा है। सुरक्षा बलों का स्पष्ट लक्ष्य मिसिर बेसरा समेत अन्य नक्सलियों को पकड़ना है।
लगातार बढ़ते दबाव के कारण नक्सली इधर-उधर भागने को मजबूर हैं, लेकिन कड़ी घेराबंदी के चलते उनका निकल पाना मुश्किल माना जा रहा है।
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