Sarna Code Census 2027: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने उठाई अलग पहचान की मांग, केंद्र को लिखा पत्र

 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनगणना 2027 में सरना धर्म कोड को अलग पहचान देने की मांग की, राष्ट्रपति और पीएम को पत्र लिखा।


Sarna Code Census 2027 रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने आगामी Census of India 2027 में सरना धर्म कोड को अलग पहचान देने की मांग को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति Droupadi Murmu, प्रधानमंत्री Narendra Modi और राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar को पत्र लिखा है।

मुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं, जहां वे केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं। साथ ही वे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात कर इस मांग को व्यापक समर्थन दिलाने की कोशिश में जुटे हैं।

Sarna Code Census 2027:सरना धर्म कोड को लेकर तेज हुई राजनीतिक पहल

सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में स्पष्ट किया है कि सरना धर्म कोड को अलग पहचान नहीं मिलने के कारण आदिवासी समाज से जुड़े सटीक आंकड़े सामने नहीं आ पाते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर पहले ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।

दिल्ली में उनकी मौजूदगी को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद राष्ट्रीय राजनीति का समीकरण बदल सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक कर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर सकते हैं।


Key Highlights:

  • हेमंत सोरेन ने जनगणना 2027 में सरना धर्म कोड की अलग पहचान की मांग की

  • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को लिखा पत्र

  • दिल्ली में राजनीतिक दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश

  • 2011 जनगणना में 50 लाख लोगों ने ‘सरना’ दर्ज कराया था

  • अलग कोड नहीं होने से आदिवासी आंकड़ों में अस्पष्टता


Sarna Code Census 2027:2011 की जनगणना का दिया हवाला

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में Census of India 2011 का उल्लेख करते हुए बताया कि अलग सरना कोड नहीं होने के बावजूद देश के 21 राज्यों में करीब 50 लाख लोगों ने अपने धर्म के रूप में ‘सरना’ दर्ज कराया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरना आस्था से जुड़े लोगों की संख्या बड़ी है, लेकिन अलग कोड नहीं होने से उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाती।

Sarna Code Census 2027:आदिवासी पहचान और आंकड़ों की सटीकता पर जोर

सीएम सोरेन ने कहा कि सरना कोड को अलग पहचान मिलने से आदिवासी समुदाय की धार्मिक पहचान को मजबूती मिलेगी और नीतियों के निर्माण में भी सटीक आंकड़ों का उपयोग संभव हो सकेगा। यह मांग लंबे समय से झारखंड और अन्य आदिवासी बहुल राज्यों में उठती रही है।

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