Sathankulam/Madurai: मद्रास हाईकोर्ट ने बहुत बड़ा फैसला सुनाया है जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है। कोर्ट ने 6 साल पगले के एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 9 पुलिस कर्मियों को फांसी की सजा सुना दी है।
कोरोना के समय दुकान खुली रहने का आरोप
बता दें घटना जून 2020 की है। थूथुकुडी जिले के Sathankulam पुलिस स्टेशन में पिता-पुत्र पी जयराज और जे बेनिक्स को अमानवीय यातनाएं दी गईं, क्योंकि उन्होंने कोरोना के समय नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी मोबाइल की दुकान खुली रखी थी।
उनके साथ हिंसा की गई
पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया जिसके बाद उनके साथ बर्बर हिंसा की गई, दोनों को पूरी रात हिरासत में गंभीर यातनाएं दी गई। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, अपना खून साफ करने के लिए मजबूर किया गया।
इलाज के दौरान हुई मौत
जिसके कारण कुछ दिनों बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले से पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। मद्रास हाई कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी। अदालत ने 23 मार्च, 2026 को इस मामले में नौ आरोपितों को दोषी करार दिया था।
1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है
कोर्ट ने सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है । पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया गया है। प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने इसे दुर्लभतम मामला बताते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले लोगों ने ऐसा अपराध किया है, जिसने समाज की सामूहिक चेतना को झकझोर दिया है।
कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि सजा इतनी कड़ी होनी चाहिए कि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाएं दोबारा न हों। दोषियों में पूर्व इंस्पेक्टर एस श्रीधर, पूर्व सब-इंस्पेक्टर बालकृष्णन और रघु गणेश तथा हेड कांस्टेबल मुरुगन और सामीदुरई शामिल हैं।
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