Bhagalpur– रंगीन मिजाजी ही विधायक गोपाल मंडल की पहचान है. पेशा भले ही राजनीति हो,
लेकिन चाहत हसीनाओं की संगती है. यही कारण है कि वह अपने सामाजिक सरोकारों की वजह से
कभी सुर्खियों में नहीं रहते, नाच-गान और संगीत उनकी कमजोरी और पहचान है,
विशेष कर जब हुश्न अपना जलबा दिखला रहा हो, तब वह कहां किसी की सुनने वाले है.
साहब आप मेरी राजनीति रुकवा दें, लेकिन नाच चलने दें
यही कारण है कि जब अखबारों में उनकी रंगीन मिजाजी की सुर्खियां देखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि
गोपाल तुम इतना नाचते क्यों हो, तब बड़े ही मासूमियत से गोपाल मंडल ने जवाब दिया कि साहेब आप मेरी राजनीति
भले ही रुकवा दें, लेकिन मेरी नाच नहीं रुकवाएं. क्योंकि यह तो मेरे बस की भी बात नहीं है, जहां चार बालाएँ जमा हुई
, गीत संगीत बजा, धून सजा, हम अपने पैरों को रोक नहीं पाते. बड़ी मजबूर हैं साहेब,
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना फोन रखना ही भला समझा.
जब मुख्यमंत्री नीतीश ने पूछा गोपाल तुम इतना नाचते क्यों हो
ताजा मामला गोपालपुर विधान सभा क्षेत्र के फतेहपुर गांव की है.
गोपाल मंडल एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे.
लेकन यहां नाच-गान और धून बजता देख कर उनके पैर अपने आप धिरकने लगा.
बात बढ़ी, रात थोड़ा और चढ़ी. इसके बाद उनका अतरंगी अंदाज दिखने लगा.
सबसे माइक से उनकी घोषणा हुई कि भाई संगीत की धून और सामने वाले का जलबा देखकर मैं अपने आप को रोक नहीं पाता.
यही मेरी कमजोरी और बेबसी है, उसके बाद वह बड़े ही निर्विकार भाव से बार बालाओं को फ्लाइंग किस देने लगे.
अब विधायक गोपाल मंडल की चाहत हो तब बार बालाएं भी कहां पीछे रहने वाली थी,
उनके कदम भी विधायक जी की ओर बढ़ते चले गए. बार बालाओं को अपनी ओर आता देख
कर विधायक जी बड़े ही बेसब्री से फ्लाइंग किस देने लगे.
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