Shock in NDPS case in Ranchi: ओरमांझी थाने में 200 किलो गांजा चूहों ने खाया, आरोपी बरी

रांची ओरमांझी थाने में जब्त 200 किलो गांजा चूहों के खा जाने का दावा। सबूतों की खामियों पर अदालत ने आरोपी को बरी किया। पुलिस की लापरवाही पर सवाल।


Shock in NDPS case in Ranchi रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ओरमांझी थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त करीब 200 किलो गांजा पुलिस मालखाना में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन अदालत को बताया गया कि इस गांजे को चूहों ने खा लिया। पुलिस की इस दलील और केस में गंभीर सबूतों की कमी के चलते कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया है।

Shock in NDPS case in Ranchi:  अदालत में पुलिस की ‘चूहे वाली दलील’ पर सवाल

इस केस की सुनवाई के दौरान जब पुलिस ने अदालत को जानकारी दी कि सुरक्षित रखा गया गांजा चूहों द्वारा खाया जा चुका है, तब कोर्ट ने इस दावे को गंभीर लापरवाही का उदाहरण बताया। इसके लिए वर्ष 2024 में सनहा भी दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा कि सबूतों की सुरक्षा में इस तरह की चूक जांच की विश्वसनीयता को कमजोर करती है।


Key Highlights
• रांची ओरमांझी थाने में मालखाना से 200 किलो जब्त गांजा चूहों के खाने का दावा
• एनडीपीएस केस में सबूतों की गंभीर खामियां, पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोर्ट की नाराजगी
• आरोपी इंद्रजीत राय को अदालत ने किया बरी
• गवाहों के बयानों में समय, स्थान व घटनाक्रम को लेकर विरोधाभास
• मालखाना सुरक्षा और केस डायरी की विश्वसनीयता पर उठे सवाल


Shock in NDPS case in Ranchi: कैसे पकड़ा गया था आरोपी – पुलिस की कहानी पर उठा अविश्वास

रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2022 का है, जब ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक बोलेरो वाहन में भारी मात्रा में गांजा रांची से रामगढ़ की ओर जा रहा है। एनएच–20 पर बैरिकेडिंग के दौरान वाहन रोका गया, जिसमें सवार तीन में से एक व्यक्ति पुलिस के हत्थे चढ़ा और उसकी पहचान बिहार के वैशाली जिले के 26 वर्षीय इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय के रूप में हुई। वाहन से करीब 200 किलो गांजा बरामद होने का दावा किया गया और आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत जेल भेजा गया।

Shock in NDPS case in Ranchi: समय, स्थान और घटनाक्रम में विरोधाभास– कोर्ट ने माना ‘कहानी असंगत’

मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास सामने आया। कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, वाहन की तलाशी कहां हुई, या तलाशी कितनी देर चली। अदालत ने कहा कि वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किये गये, जिससे केस की विश्वसनीयता और भी कम हो गयी।

Shock in NDPS case in Ranchi: सबूतों की सुरक्षा विफल, आरोपी हुआ बरी

अदालत ने माना कि न तो आरोपी को वाहन से स्पष्ट रूप से जोड़ने के सबूत पेश हुए और न जब्ती एवं नमूनाकरण की प्रक्रिया सही तरीके से सिद्ध हुई। ऊपर से मालखाना में रखा गांजा चूहों द्वारा खा लिये जाने का दावा जांच पर बड़ा सवाल है। इन सब कारणों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

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