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शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष से लौटने पर भावुक हुए उनके माता-पिता, छलकने लगे आंसू

Desk. अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा आज समाप्त हो गई है। वे कैलिफोर्निया तट के पास प्रशांत महासागर में स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से उतरें। यह वापसी अंतरिक्ष उड़ान का सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। वहीं उनके धरती पर लौटने पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए उनका स्वागत किया है। वहीं बेटे के धरती पर लौटने पर उनके माता-पिता भावुक हो गए।

भावुक हुए उनके माता-पिता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि बेटा बहुत बड़ा मिशन पूरा करके लौटा है। आंखों में आंसू आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कैसे गया और कैसे वापस आया, सब देखना एक बड़ी बात थी। बेटे के लौटने पर बहुत खुशी है। वहीं शुभांशु के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम सभी का आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमारे बेटे को आशीर्वाद दिया। शुभांशु की वापसी पर परिवार ने केक काटा और खुशियां मनाईं।

पीएम मोदी ने किया स्वागत

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करता हूं, जो अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से पृथ्वी पर लौट रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में, उन्होंने अपने समर्पण, साहस और अग्रणी भावना से करोड़ों सपनों को प्रेरित किया है। यह हमारे अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन – गगनयान – की दिशा में एक और मील का पत्थर है।”

शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी

भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला और उनकी Ax-4 टीम की धरती पर वापसी एक ऐतिहासिक क्षण बन गई है। ड्रैगन कैप्सूल ने निर्धारित समय पर डीऑर्बिट बर्न (Deorbit Burn) के जरिए खुद को कक्षा से बाहर निकालते हुए लैंडिंग की दिशा में कदम बढ़ाया। यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी से तय होता है कि यान कहां और कैसे लैंड करेगा।

इसके बाद यान लगभग 27,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ। यहां घर्षण और गर्मी के कारण तापमान 1,600 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस समय गर्म प्लाज्मा की परत बन जाने से संचार कुछ मिनटों के लिए बाधित रहा।

वायुमंडल से गुजरने के बाद यान ने छोटे और बड़े पैराशूट की मदद से खुद की गति को धीमा किया और अंततः समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग की। मौके पर मौजूद रिकवरी टीम, जिनमें नौकाएं और हेलीकॉप्टर शामिल थे, ने तुरंत कैप्सूल को सुरक्षित निकाला और शुभांशु व उनकी टीम को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।

टीम को 10 दिनों के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा

अब मिशन की टीम को 10 दिनों के लिए आइसोलेशन में रखा जाएगा, ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण हो सके और अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों से धीरे-धीरे पुनर्स्थापना हो सके। यह वापसी भारत के लिए एक गर्व का क्षण है, जो अंतरिक्ष विज्ञान में उसकी तेजी से बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

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