Giridih Gandhi Jayanti: जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांधी चौक और समाहरणालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर दोनों महापुरुषों को याद किया गया। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। स्टेशन रोड स्थित गांधी चौक पर उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के आदर्शों को किया याद
गांधी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और जनसेवा के विचारों को याद किया। उन्होंने इन आदर्शों को समाज और सार्वजनिक जीवन में अपनाने के महत्व पर जोर दिया। गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और जनसेवा की भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया गया।
लाल बहादुर शास्त्री के सादगी और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को नमन
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को याद किया गया। इस अवसर पर दोनों महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। उनके आदर्शों को सार्वजनिक जीवन और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रासंगिक बताया गया।
Reform Utsav के तहत ग्राम सभाओं में जनभागीदारी पर जोर
जयंती कार्यक्रमों के साथ जिले में Reform Utsav को People’s Plan Campaign से जोड़कर ग्राम सभाओं में लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और विकास कार्यों की योजना बनाने में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। ग्राम सभाओं के माध्यम से पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा गया।

जनसेवा और सामूहिक भागीदारी से विकास का संदेश
गिरिडीह में गांधी-शास्त्री जयंती के कार्यक्रमों के जरिए जनसेवा, स्वच्छता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को याद किया गया। वहीं Reform Utsav के तहत ग्राम सभाओं में जनभागीदारी बढ़ाने की पहल ने स्थानीय विकास में आम लोगों की भूमिका को रेखांकित किया। प्रशासन की ओर से सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।


















