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जामनगर में बनेगा भारत का बड़ा AI हब! रिलायंस और Meta ने किया बड़ा ऐलान

मुंबई: भारत के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य को आकार देने वाली एक बड़ी घोषणा में, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और मेटा ने गुजरात के जामनगर में एक अत्याधुनिक AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए साझेदारी की है। इस प्रोजेक्ट के तहत, रिलायंस 168 मेगावाट (MW) क्षमता वाला डेटा सेंटर विकसित करेगा, जिसे अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। कंपनी के अनुसार, बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए भविष्य में इस सुविधा की क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है। यह भारत में मेटा का पहला “बिल्ट-टू-सूट” डेटा सेंटर होगा, जिसे विशेष रूप से कंपनी की AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

रिलायंस संभालेगी पूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जिम्मेदारी

इस बड़े प्रोजेक्ट में, रिलायंस डेटा सेंटर के डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन, बिजली सप्लाई, नेटवर्क कनेक्टिविटी, ऑपरेशन और रखरखाव का काम संभालेगी। साथ ही, डेटा सेंटर को रिन्यूएबल एनर्जी से चलाया जाएगा, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल होगा। इस प्रोजेक्ट में रिलायंस, मेटा के लिए एंड-टू-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर के तौर पर काम करेगी। कंपनी नेटवर्क सर्विस और ज़रूरी टेक्निकल सुविधाओं का भी मैनेजमेंट करेगी।

जामनगर क्यों बना AI इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र?

इस प्रोजेक्ट के लिए गुजरात का जामनगर रणनीतिक रूप से बहुत अहम माना जाता है। इसके कई फ़ायदे हैं, जैसे कि रिन्यूएबल एनर्जी का मिलना, पानी के भरपूर स्रोत, जियो का बड़ा फ़ाइबर नेटवर्क और पश्चिमी तट पर समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल के लैंडिंग स्टेशनों के पास होना। डेटा सेंटर को ठंडा करने के लिए साफ़ किए गए समुद्री पानी का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बिजली मुख्य रूप से साफ़ ऊर्जा स्रोतों से मिलेगी।

मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग ने जताई खुशी

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि मेटा के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि रिलायंस वर्ल्ड-क्लास डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में जामनगर हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग के लिए एक प्रमुख केंद्र के तौर पर उभर सकता है। इस बीच, META के फाउंडर और CEO मार्क ज़करबर्ग ने कहा कि रिलायंस के साथ मिलकर भारत में बनाया गया कंपनी का पहला AI-केंद्रित डेटा सेंटर एक बहुत ही उत्साहजनक कदम है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा मेटा की ग्लोबल AI क्षमताओं को मज़बूत करती है और भारत में कंपनी के निवेश को नई गति देती है।

भारत के AI मिशन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

जानकारों का मानना ​​है कि यह प्रोजेक्ट ग्लोबल AI और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पर भारत की मज़बूत मौजूदगी बनाने में मदद करेगा। साथ ही, इस निवेश से देश में रोज़गार, तकनीकी विकास और डिजिटल इकॉनमी को नई रफ़्तार मिलेगी। यह पहल भारत सरकार की उस रणनीति के अनुरूप है, जिसमें डेटा सेंटर्स के विकास को राष्ट्रीय महत्व के रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर प्राथमिकता दी जा रही है।

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