डिजीटल डेस्क : सपा ने चुनाव आयोग से यूपी के 3 सीटों पर फिर से वोटिंग कराने की मांग की। यूपी के जिन 9 विधानसभा सीटों पर बीते बुधवार को उपचुनाव संपन्न हुए हैं, उनमें से 3 सीटों पर सपा ने चुनाव आयोग से फिर से वोटिंग कराने की मांग की है।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने गुरूवार को यह मांग की है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने चुनाव आयोग से मीरापुर, कुंदरकी और सीसामऊ के चुनाव को रद्द करने की मांग की है।
रामगोपाल बोले – जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी
सपा महाससचिव रामगोपाल यादव ने पूरे मसले पर अपनी बात अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की है।
रामगोपाल यादव ने एक्स पर लिखा है कि – ‘कल उत्तर प्रदेश में संपन्न हुए उपचुनाव समाजवादी पार्टी और संबंधित क्षेत्रों के जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच थे ना कि सपा और भाजपा के बीच।
…जिस तरह का नंगा नाच कल पुलिस ने उपचुनावों में खासकर मीरापुर, कुंदरकी, सीसामऊ और कटहरी में किया, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है’।

रामगोपाल का आरोप – इन 3 विधानसभाओं में ज्यादतियों में मर्यादा की सीमाएं लांघी गईं…
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने इसी क्रम मे आगे लिखा कि – ‘ज्यादती तो हर जगह हुई है। …लेकिन उपरोक्त क्षेत्रों में प्रशासन ने मर्यादाओं की सारी सीमाएं पार कर दीं हैं।
…मीरापुर, कुंदरकी और सीसामऊ में मुस्लिम मतदाताओं को बंदूक की नोंक पर वोट डालने से रोका गया। …इसलिए, ये चुनाव रद्द हों और दुबारा चुनाव अर्ध सैनिक बलों की देख रेख में होने चाहिए’।

बुधवार को अखिलेश यादव की शिकायतों पर चुनाव आयोग ने यूपी में अधिकारियों पर की थी कार्रवाई…
गुरूवार को सपा के राष्ट्रीय महासिचव राम गोपाल यादव ने खुलकर कहा कि बीते बुधवार को उपचुनाव के दौरान मीरापुर, कुंदरकी, सीसामऊ और कटहरी में प्रशासन ने मर्यादाओं की सारी सीमाएं पार कर दीं।
बता दें कि बीते बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी मीडिया के सामने आकर उपचुनाव के दौरान हो रही धांधली का खुल्लमखुल्ला आरोप लगाया था।
सपा मुखिया ने मीडिया से अपने आरोप वाले घटनाक्रमों के वीडियो को साझा करने के साथ ही उन्हें अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी साझा किया था।
तब सपा मुखिया ने चुनाव आयोग को भी सीधे निशाने पर लिया और चुनाव आयोग पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। उसके बाद तुरंत चुनाव आयोग ने मामले पर गंभीर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।
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