पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को विभागीय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर में संचालित राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन विशेष अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि अब तक 81 प्रतिशत आवेदनों को स्कैन कर अपलोड किया जा चुका है। 31 मई तक सभी आवेदनों को अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लंबित आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा।
राजस्व मंत्री ने कहा- राज्य में 30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की भी समीक्षा की गई। राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य में 30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमाबंदी सुधार के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि इसके पूर्ण होने के बाद ही फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जमीन मापी से जुड़े मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो – मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
ई-मापी मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जमीन मापी से जुड़े मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो। उन्होंने कहा कि हाल में अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण करीब 48 हजार मापी के मामले लंबित हो गए हैं। सभी लंबित मामलों का निष्पादन 30 जून तक करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में भू अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा हुई
बैठक में भू अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के करीब 33 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है। इसके माध्यम से अब आम लोगों को भू अभिलेख की नकल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 15 लाख से अधिक लोगों को ऑनलाइन नकल उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के करीब आठ हजार गांवों का कैडेस्ट्रल खतियान गायब है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन निकालकर लोगों से इसमें मदद ली जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के पास वह उपलब्ध है तो वह सरकार को उपलब्ध करा सकता है।
मंत्री ने भू-लगान की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को भू-लगान की दरों में वृद्धि की संभावनाओं पर विमर्श करने का दिया निर्देश
मंत्री ने भू-लगान की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को भू-लगान की दरों में वृद्धि की संभावनाओं पर विमर्श करने का निर्देश दिया। इस दौरान अपर सचिव आजीव वत्सराज, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप सचिव संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सह जिला जन संपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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