86 कर्मचारियों का लंबित वेतन भुगतान को लेकर बीते 9 दिनों से हड़ताल जारी

मधेपुरा : मधेपुरा के बीएनएम्यू कर्मचारियों का पिछले नौ दिनो से हड़ताल जारी है। अपनी लंबित वेतन भुगतान की मांग पर कर्मचारी अड़े हैं। बीते कुछ माह पूर्व कर्मचारियों की लंबित भुगतान मामले को लेकर सदन में सवाल भी उठा था। मधेपुरा एमएलसी अजय कुमार सिंह सहित कई नेताओं ने कर्मचारी की लंबित वेतन भुगतान को लेकर सदन में शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर को भी कटघरे में खड़ा किया।

दरअसल, मधेपुरा बीएन मंडल विश्विद्यालय के कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिल रही है। अपनी लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर लगातार पिछले नौ दिनों से हड़ताल कर्मचारी पर डटे हैं। विश्विद्यालय के विभिन्न विभागों में सभी आवश्यक कार्य ठप है। जिस कारण दूरदराज से आ रहे स्टूडेंट और अन्य लोगों को भारी परेशानी के दौड़ से गुजरना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की माने तो वर्ष 1992 के स्थापना काल से हीं सभी कर्मचारी कार्यरत हैं और कोर्ट के आदेश पर बिहार सरकार ने वर्ष 2017 में स्थाईकरण किया। जिसके बाद लगातार वेतन की भुगतान भी हुआ। लेकिन पिछले चार महीनों से वेतन भुगतान लंबित है। जिससे नाराज कर्मचारियों ने बीते नौ दिनों से हड़ताल कर विश्विद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

लिहाजा विश्विद्यालय के विभिन्न विभागों सभी आवश्यक कार्य ठप पड़ा हुआ है। अहम बात तो ये है कि दूरदराज से आवश्यक कार्य को लेकर आ रहे स्टूडेंट और अन्य लोग बैरंग अपने घर लौट जा रहे हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का डिमांड है कि जब तक हम लोगों लंबित वेतन भुगतान नहीं हो जाता है तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी हीं रहेगा। वहीं विश्विद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. राजनाथ यादव की माने तो पिछले 19 अक्टूबर से शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी हड़ताल पर थे।

हालांकि शिक्षक से हमारी वार्ता हो चुकी है वे लोग चार माह के जगह दो माह की वेतन पर मान भी गए हैं। तत्काल दो माह की वेतन भुगतान की जाएगी। फिलहाल 86 कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से उन लोगों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। चुकी वित्त विभाग से लेकर प्रशानिक विभाग बंद है। प्रभारी कुलपति यादव ने बताया कि शिक्षा विभाग के आदेश पर सीडब्ल्यूसीए कोर्ट के न्यायदेश के आधार पर शिक्षकों की वेतन भुगतान करने का निर्णय लिया जा चुका है।

वहीं हड़ताल पर बैठे 86 कर्मचारियों का डिमांड है कि उन्हीं के आलोक में हम लोगों का भी वेतन भुगतान किया जाए। लेकिन बिहार सरकार वेतन भुगतान की अनुमति नहीं दे पा रही है। हालांकि 86 कर्मचारियों का पूर्व में सीडब्ल्यूसीए कोर्ट के न्यायादेश के आलोक में पिछले 27 मई 2023 तक का भुगतान हो चुका है। अब बिहार सरकार वेतन देने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। जिस कारण लंबित चार माह का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। वैसे हम अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं कि 86 कर्मचारियों का भी वेतन भुगतान हो जिसको लेकर शिक्षा विभाग को पत्राचार भी किया जा रहा है।

राजीव रंजन की रिपोर्ट

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