अग्नि-3 मिसाइल का सफल प्रक्षेपण

अग्नि-3 का सफल परीक्षण, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

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BHUVNESHWAR: अग्नि- 3 मिसाइल का सफल परीक्षण

ओडिशा के अब्दुल कलाम व्हीलर आईलैंड पर किया गया.

यह एक इंटरमीडिएट-रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है.

जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. हालांकि,

यह मिसाइल पारंपरिक और थर्मोबेरिक हथियारों से भी

हमला कर सकती है. इसमें एक साथ कई टारगेट पर

हमला करने वाली तकनीक MIRV जैसी ही समान टेक्नोलॉजी है. 

यह परीक्षण ‘सामरिक बल कमान’ (एसएफसी) के

तत्वावधान में किए गए नियमित प्रशिक्षण प्रक्षेपण का हिस्सा था.‘  

मिसाइल का परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा

और यह विभिन्न मानकों पर खरी उतरी.

Agni-3 मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत उसकी गति है.

इस मिसाइल की रेंज 3 से 5 हजार किलोमीटर बताई गई है

यानी हथियार का वजन कम या ज्यादा करके रेंज को बढ़ाया

या कम किया जा सकता है. 3 से 5 हजार किलोमीटर की रेंज

यानी चीन का बहुत बड़ा हिस्सा, पूरा पाकिस्तान, पूरा

अफगानिस्तान, हॉर्न ऑफ अफ्रीका, अरब देश, इंडोनेशिया,

म्यांमार जैसे कई देश इसकी जद में हैं.

5 से 6 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड

Agni-3 मिसाइल की गति मैक 15 है. यानी 18,522 किलोमीटर

प्रतिघंटा यानी 5 से 6 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड. इस गति में उड़ने वाली मिसाइल दुश्मन को सांस लेने या पलक झपकाने तक का मौका नहीं देती. 17 मीटर लंबी इस मिसाइल का वजन 50 हजार किलोग्राम है. एक अग्नि-3 मिसाइल बनाने में 25 से 35 करोड़ रुपये की लागत आती है. इसे 8×8 ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से छोड़ा जाता है. 

कुछ ही मिनटों में पाकिस्तान हो जाएगा तबाह

चीन की राजधानी बीजिंग की दिल्ली से हवाई दूरी 3791 किलोमीटर है. अग्नि-3 मिसाइल 5-6 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से चलती है. उस हिसाब से बीजिंग की दूरी 12.63 मिनट में पूरी हो जाएगी. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की हवाई दूरी 679 किलोमीटर है. यहां तो अग्नि-3 मिसाइल मात्र ढाई मिनट में तबाही मचा देगी. 

अग्नि-3 मिसाइल का 2007 में अपनी दूसरी उड़ान में और फिर 2008 में लगातार तीसरे प्रक्षेपण में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था. मिसाइल का पिछला परीक्षण इसी बेस से पिछले साल 18 दिसंबर को किया गया था, जो सफल भी रहा था.

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