रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार की शाम सुमित फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित प्रभाकर सालुंके को गिरफ्तार कर लिया। अमित पुणे के सुदर्शननगर के निवासी हैं। ACB ने उन्हें पूर्व में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था और बुधवार को रांची स्थित मुख्यालय बुलाया गया था, जहां करीब चार घंटे लंबी पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
जांच में मिली अहम भूमिका, कई साक्ष्य भी हाथ लगे
एसीबी को जांच के दौरान अमित की घोटाले में संलिप्तता से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी के अनुसार, उनका घोटाले में नामजद एवं गैर-नामजद आरोपियों के साथ आर्थिक साठगांठ थी। अमित की भूमिका शराब से संबंधित अवैध पैसे के लेन-देन और वितरण में पाई गई है।
पहले नहीं कर रहे थे सहयोग, दोबारा भेजा गया था नोटिस
जांच में सहयोग नहीं करने पर एसीबी ने 15 जुलाई को पुनः नोटिस भेजकर उन्हें 23 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इस दौरान अमित ने दो दस्तावेज भी ACB को उपलब्ध कराए, जिनका अध्ययन करने के बाद घोटाले में उनकी भूमिका और स्पष्ट हो गई।
सिद्धार्थ सिंघानिया से भी जुड़ता है मामला
पूछताछ के दौरान उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में यह बात सामने आई कि वर्तमान में जेल में बंद आरोपी सिद्धार्थ सिंघानिया सुमित फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड में कभी निदेशक एवं कंसलटेंट के रूप में कार्यरत थे। एसीबी को एक स्टांप पेपर पर दिया गया सिद्धार्थ का लिखित बयान मिला है, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल और उसके बाद के सभी दायित्वों की जिम्मेदारी स्वयं ली है और कंपनी को कानूनी रूप से सुरक्षित रखने की बात कही है।
आगे और गिरफ्तारियों की संभावना
एसीबी सूत्रों का कहना है कि जांच में अभी और नाम सामने आ सकते हैं। अमित प्रभाकर की गिरफ्तारी के बाद घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।


















