रांची: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने प्रार्थियों से पूछा कि अब तक उसके किन आदेशों का पालन नहीं किया गया है।
इसके लिए प्रार्थियों को सभी बिंदुओं पर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता साहिल वलेख और अमृतांश वत्स ने बताया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने अदालत के आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया है।
सभी विषयों का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया है और जो परिणाम जारी हुए हैं, उनमें कई त्रुटियां हैं। सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी नहीं दिया गया है, जबकि अदालत ने नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया था।
इस दौरान जेएसएससी के सचिव स्वयं अदालत में उपस्थित थे। आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार 26,001 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चला रही है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रार्थियों को अपने सभी आरोपों और तथ्यों को शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत करना होगा।







