रांची: टेंडर कमीशन घोटाला मामले में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के खिलाफ पीएमएलए ( Prevention of Money Laundering Act) की विशेष कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई होगी। आलमगीर आलम ने सोमवार को कोर्ट में याचिका दायर कर खुद पर लगे आरोपों से मुक्त होने की मांग की है।
यह मामला 6 और 7 मई 2024 को हुई ईडी की छापेमारी से जुड़ा है, जब एजेंसी ने कई ठेकेदारों, इंजीनियरों और अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर 32 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी। इस छापेमारी में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, ओएसडी संजीव लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के घरों पर भी छापेमारी की गई थी। आरोप है कि टेंडर आवंटन में कमीशन खोरी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया गया था।
15 मई को ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था और वह तब से जेल में बंद हैं। आरोपियों पर आरोप गठित होना बाकी है, और अब इस मामले की सुनवाई पीएमएलए के विशेष कोर्ट में की जाएगी। आलमगीर आलम ने अपनी याचिका में खुद को इन आरोपों से मुक्त करने की गुहार लगाई है।
यह मामला झारखंड की राजधानी रांची से जुड़ा है, जहां टेंडर घोटाले में कथित रूप से कई बड़े अधिकारी और ठेकेदार शामिल थे। इस मामले में ईडी की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आरोपों का गठन होने की संभावना है।


















