छपराः भला है बुरा है जैसे भी है, मेरा पति मेरा देवता हैं … बॉलीवुड का ये मशहूर गीत हर पत्नी का अपने पति के प्रति प्रेम को दर्शाती है और यह प्रेम ही है कि महिलाएं अपने पति की सलामती के लिए तीज और करवा चौथ जैसी व्रत रखती हैं।
लेकिन यहां तो एक महिला ने हद ही कर दी, मेरा पति मेरा देवता और दूसरे का पति? शायद वह दंबग महिला भूल गई कि रिक्शा चालक भी किसी का देवता पति है, जिसकी कमाई से उसका घर-परिवार चलता है, उसके भी बच्चे होंगे जो अपने रिक्शा चालक पिता के लौटने का वाट जाेह रहा होगा, पापा आयेंगे तो बिस्किट मिलेगा, जी हां बिस्किट। गरीब के अभागे बच्चे तो एक बिस्किट में ही अपना सारा प्यार निचोड़ कर रख देता है।
जी, हां सारण जिले के नगर थाना क्षेत्र का राम राज्य चौक पर एक अज्ञात महिला ने एक रिक्शा चालक को चाकू से गोदकर कर और फरार हो गई। घटना बुधवार की देर रात्रि का है। जब महिला शहर के हथुआ मार्केट से रिक्शा सवार हो दहियावां राम राज्य चौक पहुंची तब रिक्शा चालक ने पैसा मांगा तो महिला ने दबंगई दिखाते हुए रिक्शा चालक को पैसे देने के बजाय चाकू से गोद दिया।
तमाशबीन बने रहे लाेग
मानवीय संवेदना का विरुप चेहरा तब और गहरा हो गया जब मौजूद लोग खड़े हो तमाशाबीन बने रहे, एक संवेदनहीन औरत की इस करतूत पर महिला को रोकने के बजाय और मर जाएगा, मर जाएगा, बोल कर अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहें, किसी ने भी आगे बढ़ कर रोकने की कोशिश नहीं की।
जबकि दबंग महिला लगातार चाकू से वार दर वार करती रही और यहीं नहीं रुकी, चाकू मारने के बाद छेड़खानी किये जाने का आरोप चस्पा करते हुए थाने में शिकायत करने जाने के बहाने खिसक गई।
भला हो उस राशिद नामक युवक का जो आगे आया और घायल रिक्शा चालक को सदर अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उस अभागे का इलाज चल रहा है।
नहीं दर्ज हुई अब तक प्राथमिकी
घायल रिक्शा चालक की पहचान दहियावां निवासी स्वर्गीय मोहन महतो के पुत्र राजेश महतो के रूप में हुई है जबकि महिला का कोई अता-पता नहीं चला सका है।
अफशोस जनक तथ्य यह है कि इस मामले में अभी तक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई है।
रिपोर्टः रणजीत कुमार
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